नई दिल्ली: आटा, दाल’ अनाज वाले पैकेटबंद व लेवल वाले खाद्य पदार्थ सोमवार से जीएसटी के दायरे में आ गए हैं। हालांकि इनकी 25 किलो से अधिक की पैकिंग पर जीएसटी नहीं लगेगा। इससे कम वजन पर 5% जीएसटी लागू हो गया। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को जीएसटी संबंधित सवालों पर स्पष्टीकरण जारी किया है। इसमें कहा है कि खुदरा व्यापारी 25 किलो से अधिक के पैक में समान लाकर खुले में बेचे तो जीएसटी नहीं लगेगा।

जीएसटी उन उत्पादों पर लगेगा जिनकी आपूर्ति पैकेटबंद की जा रही है। दही, लस्सी जैसे पदार्थों के लिए यह सीमा 25 लीटर है। पहले चावल, गेहूं, दालों व आटे पर 5% जीएसटी तब लगता था जब यह किसी ब्रांड के होते थे। जो समान पैकेट बंद है और लेबल लगा है उन पर जीएसटी लगेगा। उधर, व्यापारी जीएसटी के विरोध में हो गए हैं ।

इन पर घटाया टैक्स

रोपवे के जरिए वस्तु और यात्रियों के परिवहन तथा सर्जरी से जुड़े उपकरणों पर जीएसटी को 12 से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।ट्रक, सामानों को ढ़ोने में इस्तेमाल होने वाली वाहनों पर 12 % जीएसटी लगेगा।पहले यह 18% था।

इनकी कीमतें बढ़ी

डिब्बा या पैकेटबंद और लेवल युक्त (फ्रोज़न छोड़कर) मछली,दही,पनीर,लस्सी, शहद,सूखा मखाना, सूखा सोयाबीन, मटर जैसे उत्पाद,गेहूँ और अन्य अनाज तथा मुरमुरे पर 5% टेट्रा पैक और बैंक की तरफ से चेक जारी करने पर 18% और एटलस समेत नक़्शे और चार्ट पर 12% जीएसटी लगेगा।

ब्लेड, पेपर, कैची, पेंसिल शार्पनर, चम्मच, कांटे वाले चम्मच स्क्रीमर्स और केक सर्विस आदि पर सरकार ने जीएसटी को बढ़ा दिया है। अब इस पर 18% की दर से जीएसटी वसूली जाएगी इतना ही नही lED लाइट्स और LED लैम्प्स पर भी जीएसटी 12% से बढ़ाकर 18% कर दी गयी है।

इलाज कराना भी महंगा

हॉस्पिटल द्वारा 5000 रूपये प्रतिदिन से अधिक का रूम उपलब्ध कराया जाता है तो उस पर 5% की दर से जीएसटी देय होगा। इसमें आईसीयू, आईसीसीयू, एनआईसीयू के रूम पर छूट लागू रहेगी।

होटल के रूम के लिए देने होंगे ज्यादा पैसा

वर्तमान में 1000 रूपये से कम के होटलों पर जीएसटी नही लगता था लेकिन अब जीएसटी लगेगा।

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