नयी दिल्ली। चुनाव आयोग को सुप्रीम कोर्ट ने अहम निर्देश दिया है। उत्तराखंड के जंगल आग लगने की याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उत्तराखंड सरकार जंगल में लगी आग बुझाने में गंभीरता और शीघ्रता दिखाए। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि वन विभाग के कर्मचारियों को चुनाव और चारधाम यात्रा से अलग किया जाए। हम निर्वाचन आयोग को भी निर्देश देते हैं कि राज्यों में वन विभाग के कर्मचारी और वाहन चुनावी ड्यूटी में नहीं लगाए जाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नेशनल और स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट फंड का शीघ्र और सूझबूझ के साथ इस्तेमाल हो। आग बुझाने के लिए समुचित वर्कफोर्स मुहैया कराई जाए। इसमें किसी तरह की बाधा न हो. वन विभाग में खाली पदों पर भर्तियां जल्द की जाएं। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड के चीफ सेक्रेटरी को अगली सुनवाई पर कोर्ट में पेश होने के लिए कहा है।

17 मई को होने वाली अगली सुनवाई में चीफ सेक्रेटरी को कोर्ट मे पेश होकर उत्तराखंड में फायर डिपार्टमेंट में खाली जगह को न भरने की वजह और वहां लगी आग बुझाने के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी देनी होगी।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारत सरकार ने 9.23 करोड़ रुपए मंजूर किए थे, उनका इस्तेमाल गैर वन गतिविधियों में किया गया. केंद्र सरकार बाकी बची रकम करीब 6 करोड़ रुपए राज्य सरकार को मुहैया कराए. कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार बताए कि वन विभाग में कितने पद खाली हैं? उन पर भर्ती कब तक होगी?

हर खबर आप तक सबसे सच्ची और सबसे पक्की पहुंचे। ब्रेकिंग खबरें, फिर चाहे वो राजनीति...