रांची। सीता सोरेन को झामुमो छोड़ने का क्या मलाल है? सीता सोरेन को क्या JMM की याद आ रही है ? BJP ज्वाइन कर क्या सीता सोरेन खुश नहीं है ? ये सवाल सीता सोरेन के उस पोस्ट से उठा है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि अगर शिबू सोरेन की पार्टी में चलती, तो वो उन्हें पार्टी से आने ही नहीं देते। चुनाव प्रचार के चरम दौर में सीता सोरेन की इस तरह की मायूसी वाली बातों ने राजनीतिक गलियारों में नयी बहस छेड़ दी है।

सीता सोरेन ने पार्टी छोड़ने का फैसला खुद लिया था? भाजपा ज्वाइन करने का फैसला भी उनका खुद का था, ऐसे में जब भाजपा ने उन्हें दुमका सीट से प्रत्याशी बना दिया है, तो फिर उनका आज का सोशल मीडिया पोस्ट कई तरह के सवालों को खड़ा कर रहा है। अपने X हैंडल से सीता सोरेन ने लिखा है.. “श्री शिबू सोरेन जी की अब झारखंड मुक्ति मोर्चा में नहीं चलती है,अगर झामुमो में उनका सब कुछ ठीक ठाक रहता तो वे मुझे पार्टी से निकलने ही नहीं देते।” -श्रीमती सीता सोरेन भाजपा लोकसभा प्रत्याशी, दुमका

इस पोस्ट की टाइमिंग… संदर्भ दोनों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल ये पोस्ट JMM की तरफ से प्रत्याशी घोषित करने के अगले दिन किया गया है। ऐसे में सवाल ये उठ रहा है कि सीता सोरेन के खिलाफ जिस प्रत्याशी को JMM ने उतारा है, उसे लेकर उन्होंने ये बातें लिखी है? क्या ये उनके दिल का दर्द है या फिर दल का दर्द है.. फिलहाल इसका जवाब तो नहीं मिल पाया है। लेकिन इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया में लोग जमकर सीता सोरेन को खरी खोटी सुना रहे हैं।

सीता सोरेन पर टोलर्स भड़के..
सीता सोरेन के इस पोस्ट पर सैंकड़ों लोगों ने कमेंट लिखा है। सूरज कुमार ने लिखा है… ये पार्टी किसी परिवार की नही है… सबकी है जिन्होंने भी अपना मेहनत किया है. आपलोग भरष्टाचार करोगे और पार्टी बदल लेंगे. लेकिन जनता कभी माफ नही करेगी. पार्टी अभी चंपाय दादा के हाथ मे है अच्छा है.
वहीं, एक यूजर विवेक यादव ने लिखा है, आप जनता को मूर्ख समझते है क्या कई ऐसे बाते हैं जो आपको रास नहीं आया इसमें मुख्य रूप से आपको सीएम नही बनाना दूसरी कल्पना सोरेन जी को राजनीति में आना और शिबू सोरेन जी का नही आपका पार्टी में लोगो से नही बन पाया।
वहीं एक यूजर ने लिखा है.. बेटी को जामा से टिकट दिलवाना, खुद को वोट फॉर नोट मामले से बचाना ही मूल मकसद था महोदया आपका। आपको इतनी ही चिंता थी गुरुजी की तो उनके बीमारी के वक्त कहां गायब हो गईं थीं आप? आपके स्वार्थीपन की चर्चा दुमका बस स्टैंड से लेकर कई सार्वजनिक जगहों पर हो रही है, जनता बेवकूफ नहीं है।
गोबिंद महतो नाम के यूजर ने लिखा है.. मैडम!आपका परिवार अर्थात् गुरुजी का परिवार झारखंड का एक विशिष्ट सम्मानीय परिवार है।इसकी छवि को यों ही धूल-धूसरित होने से बचा लीजिए। राजनैतिक महत्त्वाकांक्षा होना बुरी बात नहीं है,पर उसे हासिल करने के लिए गलत रास्ते का उपयोग करना ग़लत है।आप समझदार है,शांति से सोचिएगा।
गुलाम नवी ने लिखा है… आप इस दुःख की घड़ी में पेट छुरा घोंपने के काम किए हैं। जाना ही था तो हेमंत दा के जेल से पहले चली जाती
नीरज यादव ने लिखा है.. बस कीजिये देवी जी..
विकास मुंडा ने लिखा है.. बस करिए कलयुग की सिता अपना पाप छुपने के लिए भाजपा का दामन थामा है जनता को नहीं पता क्या
एक ने लिखा है.. देखिए चलती तो आपकी भी नही है वरना बेटियों के कहने पर बीजेपी आप भी नही जॉइन करती. दूसरी बात की अगर शिबू सोरेन की नही चल रही ये बात आप किन लोगों को टैग कर के बता रही है. इसको चुगलखोरी कहते हैं. जब चल ही गई हैं वहां तो कम से कम मुद्दों पर चुनाव लड़िए.
अनिल टुडू ने कहा.. मुर्ख लेडी हो आप
वहीं नीलम ने लिखा है.. आपको CM और मंत्री बनाया जाता तो शायद यह बयान आपके श्रीमुख से नही निकलता।

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