धनबाद: जन-जागरुकता और जानकारी की कमी के कारण हर साल हजारों लोग डेंगू बुखार की चपेट में आ जाते हैं। इस बीमारी के बारे में लोगों को जागरूक करने और डेंगू से होने वाली मौतों को रोकने हर वर्ष 16 मई को विश्व डेंगू दिवस मनाया जाता है। लोगों के मन में यह भ्रार्तियां होती है कि डेंगू का मच्छर सिर्फ सर्दियों में या फिर बरसात में ही घातक होता है। गर्मी में इसका प्रभाव कम होता है, यह धारणा बिल्कुल गलत है। डेंगू हर मौसम में बहुत ज्यादा घातक होता है। गर्मियों के मौसम में जब मच्छरों का प्रकोप कम हो जाता है तो भी डेंगू के मच्छर आपके आस पास पाए जाते हैं, जो न सिर्फ जानलेवा होते हैं, बल्कि गंभीर रूप से बीमार भी कर सकते हैं। गर्मियों में लोग कूलर का भरपूर इस्तेमाल करते हैं, यह डेंगू के लिए सबसे सुरक्षित जगह बन जाता है। डेंगू के मच्छर साफ पानी में पलते हैं, इसलिए अगर कूलर के पानी को समय समय पर साफ नहीं किया गया तो फिर यह बहुत ज्यादा डेंगू के पलने की सुरक्षित जगह बन जाता है। इसलिए कहा यह जाता है कि हर सप्ताह जरूर डेंगू के पनपने वाले स्थल यानी कूलर के पानी को पूरा खाली करें और उसमें स्वच्छ पानी को भरें।

डेंगू एडीस नामक मच्छर के काटने से होता है और यह मच्छर साफ पानी में पनपता है। विशेषज्ञों ने बताया कि यह मच्छर सामान्यतः दिन में काटता है एवं यह स्थिर पानी जैसे कूलर, टंकी या घर में खुले में रखे बर्तन जिसमें कई दिनों से पानी बदला न गया हो या अन्य कोई जगह जहाँ पानी जमा हुआ हो, वहाँ डेंगू के मच्छर पनपते हैं। इसलिए घरों में उपयोग किए जाने वाले कूलर, टंकी या अन्य बर्तन आदि को जहाँ पानी जमा होता हो, उसे सप्‍ताह में एक दिन ड्राई-डे मनाते हुए पानी को पूरा बदलना चाहिए।

डेंगू के लक्षण

विशेषज्ञों ने बताया की बरसात शुरू होते ही मच्छर जनित रोगों जैसे डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। तेज बुखार, बदन, सर एवं जोड़ों में दर्द, जी मचलाना एवं उल्टी होना, आँख के पीछे दर्द, त्वचा पर लाल धब्बे या चकते का निशान, नाक, मसूढ़ों से रक्तस्त्राव, काला मल का आना आदि डेंगू के लक्षण हैं। इस तरह के लक्षण हों तो अपने निकटतम शासकीय स्वास्थ्य केंद्र जाकर डेंगू की जाँच अवश्य कराएँ।

विशेषज्ञों ने बताया कि डेंगू का असर शरीर में 3 से 9 दिनों तक रहता है। इससे शरीर में अत्यधिक कमजोरी आ जाती है और शरीर में प्लेटलेट्स लगातार गिरने लगता है। इन लक्षणों के प्रति सावधान रहने की जरूरत है।

डेंगू से बचाव

डेंगू से बचाव के लिए घर में साफ-सफाई पर ध्यान रखें व कूलर, गमले, बर्तन आदि में पानी जमा न होने दें या पानी रोज बदलें। सोते समय दिन हो या रात मच्छरदानी का उपयोग करें। पूरे शरीर को ढंकने वाले कपडे पहने एवं कमरों की साफ़-सफाई के साथ उसे हवादार रखें। घर के आसपास गंदगी जमा न होने दें। जमा पानी एवं गंदगी पर कीटनाशक का प्रयोग करें। खाली बर्तन, टायर व पुराने बर्तन, फूलदान एवं अन्य समानों में पानी जमा न होने दें। जमे हुए पानी में मच्छर के लारवा दिखने पर , लर्विसायिड या मिट्टी का तेल डालें, 24 घंटे के बाद इस पानी को फेंके। मच्छरों से बचने घरों के दरवाजे व खिड़कियों में जाली जरूर लगाएं। डेंगू के लक्षण मिलने पर तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर स्वास्थ्य की जाँच अवश्य कराएँ।

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