लेडी DSP 2 लाख के चक्कर में फंसी: "वैसे तो चार लाख लगता है....2 लाख ही मांग रही हूं" पैसे मांगने के मामले में SSP ने दिये जांच के आदेश

DSP Deepsikha News : महिला DSP एक बड़े विवाद में घिर गयी है। लेडी डीएसपी पर आरोप है कि उसने 2 लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। इस मामले में अब जांच के आदेश दिये गये हैं। जांच की दिशा बता रही है कि महिला डीएसपी की आने वाले दिनों में मुश्किलें बढ़ सकती है। दरअसल बरेली में सीओ मीरगंज डॉ. दीपशिखा के खिलाफ एक भट्टा कारोबारी ने एसएसपी से लिखित में शिकायत की है। एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान से भट्टा कारोबारी ने अपनी शिकायत में कहा है कि सीओ ने कहा कि पैसे दो नहीं तो ट्रैक्टर ट्राली और जेसीबी को खनन में सीज कर दूंगी और कोर्ट में तो तुम्हें चार लाख की फीस देनी होगी, मैं तो तुमसे 2 लाख ही मांग रही हूं।

इस मामले में शिकायत की जांच SSP ने आईपीएस अधिकारी एसपी मानुष पारीक को दिया है। बरेली के मीरगंज थाना क्षेत्र के गांव तिलमास के रहने वाले रिफाकत अली का ईंट-भट्ठे का कारोबार है और उनकी गनी ब्रिज इंडस्ट्री के नाम से एक फर्म है। पीड़ित ने 13 जून को मामले में एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान से लिखित में शिकायत की थी। एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में उन्होंने कहा था कि 12 जून की दोपहर को उनके मजदूर कच्ची ईंट बनाने के लिए मिट्टी का काम कर रहे थे, तभी सीओ मीरगंज दीपशिखा वहां पहुंची और मजदूरों को धमकाया।

डीएसपी पर आरोप है कि उन्होंने मजदूरों को बुरा भला कहा और गाली गलौज की। रिफाकत अली ने कहा कि मजदूरों ने मुझे कॉल करके बताया, इसके बाद मैं ईंट भट्ठे के अपने कागजात ट्रैक्टर और जेसीबी के कागजात लेकर भी पहुंचा, तब सीओ ने मेरे सारे कागजात देखने से मना कर दिया और कहा की हम जेसीबी और ट्रैक्टर ट्राली को थाने ले जा रहे हैं तो थाने आ जाओ।

पीड़ित ने कहा कि हम जीएसटी देते हैं और रायल्टी भी हमारे पास है। सरकार से जेसीबी चलने की अनुमति मिली हुई है, लेकिन उसके बाद भी हमें धमकाया गया। पीड़ित ने कहा कि सीओ ने मुझसे ज्यादा पैसों की मांग की और मैंने इतने पैसे देने से मना कर दिया, जिसके बाद सीओ ने कहा कि पैसे दो नहीं तो ट्रैक्टर ट्राली और जेसीबी को खनन में सीज कर दूंगी और कोर्ट में तो तुम्हें चार लाख की फीस देनी होगी, मैं तो तुमसे 2 लाख ही मांग रही हूं।

पीड़ित ने इतने पैसे देने से मना कर दिया, जिसके बाद सीओ ने एक ट्रैक्टर और एक जेसीबी को सीज कर दिया। वहीं पीड़ित के बयान एसएसपी ऑफिस में लिए गए और पूरे मामले की जांच शुरू हुई. जांच में सीओ दीपशिखा का भी बयान दर्ज किया गया। जब जांच पूरी हुई तो सीओ दीपशिखा को पूरे मामले में दोषी पाया गया।

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