रांची। भ्रष्टाचार के मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा एक्शन लिया है। राज्य सरकार ने जिला कल्याण पदाधिकारी सुभाष कुमार और जिला कल्याण कार्यालय के सहायक मनोज के खिलाफ मुकादमा चलाने की अनुमति दे दी है। धुमकुड़िया भवन निर्माण के लिए आवंटन के बदले रिश्वत लेने के मामले में गत वर्ष पांच अगस्त 2021 को पलामू के तत्कालीन जिला कल्याण पदाधिकारी सुभाष कुमार व जिला कल्याण कार्यालय पलामू के सहायक मनोज कुमार को गिरफ्तार किया गया था। दोनों के विरूद्ध अब सरकार ने मुकदमा चलाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। इनपर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत अभियोजन चलेगा। राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस के तहत यह स्वीकृति दी है।

राज्य सरकार ने क्या कहा

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अनुसूचित जनजाति, अनसूचित जाति अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग विभाग, झारखण्ड, द्वारा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो पलामू थाना कांड संख्या 10/2021 दिनांक- 05.08.2021 के प्राथमिकी अभियुक्त मनोज कुमार, सहायक, जिला कल्याण कार्यालय, पलामू एवं सुभाष कुमार, जिला कल्याण पदाधिकारी, पलामू के विरूद्ध भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम, 2018) की धारा-7 (ए) के तहत अभियोजन स्वीकृत्यादेश की स्वीकृति दी है।

यह है मामला

प्राथमिकी अभियुक्त पर धुमकुड़ीया भवन निर्माण के विरूद्ध आवंटन देने के लिए सरकारी पद का दुरूपयोग करते हुए वादी उमाशंकर बैगा से 20 हजार रुपए रिश्वत की माँग की गई। वादी रिश्वत नहीं देना चाहता था। इस बात की सूचना उसने पुलिस अधीक्षक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, पलामू को दी। इस बात की सत्यापन हेतु पुलिस निरीक्षक नागेन्द्र कुमार मंडल को प्राधिकृत किया गया। सत्यापन के क्रम में आरोप के सत्यता की पुष्टि हुई एवं प्राथमिक अभियुक्त पर रिश्वत की राशि के साथ रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। इस प्रकार प्राथमिकी अभियुक्त पर सरकारी पद का दुरूपयोग करते हुए रिश्वत लेने का आरोप गठित है।

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