झारखंड : धनबाद होमगार्ड बहाली विवाद फिर गरमाया…अभ्यर्थियों का बड़ा आंदोलन…CBI जांच की मांग तेज

Dhanbad Home Guard Recruitment Controversy Flares Up Again... Massive Protest by Candidates... Calls for CBI Probe Intensify.

धनबाद जिले में 2017 की होमगार्ड बहाली प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। चयनित अभ्यर्थियों और प्रतिनिधियों ने राज्यपाल से मुलाकात कर पूरे मामले की समीक्षा कराई और 5 मई को एक दिवसीय हड़ताल का फैसला लिया है। साथ ही बहाली प्रक्रिया की CBI जांच की मांग तेज कर दी गई है।

गायब हुए अहम सबूत, CD और हार्डडिस्क पर उठे गंभीर सवाल
अभ्यर्थियों की ओर से आरोप लगाया गया है कि बहाली प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य, जैसे वीडियो रिकॉर्डिंग की CD और हार्डडिस्क, जिला प्रशासन के पास सुरक्षित रखे गए थे, लेकिन जांच के दौरान ये रहस्यमय तरीके से गायब हो गए। इस पर पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।

अभ्यर्थियों का दर्द, ‘गलती हमारी नहीं, सजा हमें क्यों’
बैठक में शामिल अभ्यर्थियों ने साफ कहा कि इस पूरे मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है। उनका कहना है कि अगर कोई अनियमितता हुई है, तो वह अधिकारियों के स्तर पर हुई, लेकिन इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

विधायक के नेतृत्व में बनेगा प्रतिनिधिमंडल, CBI जांच की मांग होगी तेज
अभ्यर्थियों ने बताया कि Jairam Mahto के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात करेगा और पूरे मामले की CBI जांच कराने की औपचारिक मांग करेगा। इससे आंदोलन को और मजबूती मिलने की संभावना है।

क्या है पूरा मामला, कैसे शुरू हुआ विवाद
दरअसल वर्ष 2017 में धनबाद में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। रेलवे मैदान में शारीरिक और तकनीकी परीक्षण आयोजित किए गए थे, जिनकी वीडियोग्राफी भी कराई गई थी। बाद में जब चयन सूची जारी हुई, तो अनियमितताओं और पैसे के लेनदेन के आरोप सामने आए, जिसके चलते पूरी प्रक्रिया रद्द कर दी गई।

रिकॉर्डिंग गायब, जांच पर उठे सवाल, मामला बना बड़ा विवाद
सबसे बड़ा विवाद तब खड़ा हुआ जब जांच के दौरान बहाली प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग वाली CD प्रशासन के पास से गायब पाई गई। इससे पूरे मामले की विश्वसनीयता पर सवाल उठ गए और जांच की दिशा पर भी संदेह पैदा हुआ।

अब आंदोलन और तेज होने के संकेत, निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े अभ्यर्थी
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अभ्यर्थियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक पारदर्शी जांच नहीं होगी और सच्चाई सामने नहीं आएगी, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। अब देखना होगा कि प्रशासन इस विवाद को कैसे सुलझाता है।

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