किचन में छुपा ‘हार्ट का दुश्मन’! WHO का बड़ा खुलासा… ये तेल धीरे-धीरे बना रहे दिल को बीमार

ट्रांस फैट वाले कुकिंग ऑयल को बताया गया ‘जहर’ जैसा खतरनाक, गलत तेल से बढ़ सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम

नई दिल्ली:
आज के समय में दिल की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं और इसकी एक बड़ी वजह हमारी खराब लाइफस्टाइल और खान-पान को माना जा रहा है। लेकिन कई बार खतरा हमारे किचन में ही छिपा होता है। हाल ही में आई World Health Organization (WHO) की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ तरह के कुकिंग ऑयल दिल की सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकते हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक इन तेलों में मौजूद Trans Fat शरीर के लिए सबसे बड़ा खतरा है, जो धीरे-धीरे दिल की बीमारियों का कारण बन सकता है।

ट्रांस फैट क्यों है खतरनाक

रिपोर्ट के अनुसार ट्रांस फैट शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को तेजी से बढ़ाता है और गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) को कम कर देता है। इससे धमनियों की दीवारों पर फैट जमने लगता है, जिससे ब्लॉकेज की समस्या बढ़ जाती है।

ऐसी स्थिति में अचानक Heart Attack और Stroke का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। WHO के अनुसार दुनिया भर में लाखों मौतों के पीछे ट्रांस फैट एक बड़ी वजह माना जाता है।

इन तेलों से दूरी बनाना बेहतर

रिपोर्ट में कुछ खास तरह के तेल और फैट को दिल के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदायक बताया गया है—

  • Vanaspati Ghee – सस्ता होने के कारण ज्यादा इस्तेमाल, लेकिन ट्रांस फैट की मात्रा बहुत अधिक

  • Margarine – बेकरी और पैकेज्ड फूड में इस्तेमाल, धमनियों को सख्त कर सकता है

  • Palm Oil – इसमें लगभग 44% सैचुरेटेड फैट होता है, जो बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है

  • बार-बार गर्म किया गया तेल – इससे जहरीले तत्व बन जाते हैं जो दिल और शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं

दिल को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें

विशेषज्ञों का मानना है कि सही कुकिंग ऑयल का चुनाव दिल को स्वस्थ रखने में बड़ी भूमिका निभाता है।

स्वास्थ्य के लिए बेहतर विकल्पों में शामिल हैं—

  • Mustard Oil (सरसों का तेल)

  • Peanut Oil (मूंगफली का तेल)

  • Sesame Oil (तिल का तेल)

  • Olive Oil (जैतून का तेल)

ये तेल न केवल दिल की सुरक्षा करते हैं बल्कि शरीर को जरूरी पोषक तत्व भी देते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हम अपनी रोजमर्रा की डाइट में छोटे-छोटे बदलाव करें, तो दिल की बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

 

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