बिहार : भ्रष्टाचार के खिलाफ पटना पुलिस प्रशासन में बड़ी कार्रवाई की बात सामने आई है. बताया जा रहा है कि ये कार्रवाई बेऊर थाना के पुलिसकर्मियों द्वारा रात्रि गश्ती के दौरान अवैध वसूली की शिकायत पर की गई है. मिली जानकारी के अनुसार, कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा अवैध वसूली से से संबंधित एक आवेदन पटना पुलिस के आला अधिकारियों को मिला था. जांच में मामला सत्य पाए जाने पर इन पुलिसकर्मियों पर एक्शन लिया गया.

पटना में अवैध वसूली के आरोप में महिला दारोगा समेत कई पुलिसकर्मी गिरफ्तार किए गए हैं. ये 30 हजार की वसूली कर रहे थे. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इनकी गिरफ्तारी हुई है.

मिली जानकारी के अनुसार, आवेदक द्वारा बेउर थाना की रात्रि गश्ती में तैनात पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों पर आरोप लगाया गया था कि बेऊर थाना के सिपारा पुल के पास उन्हें गलत तरीके से गश्ती पार्टी के द्वारा पकड़ा गया और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई. मारपीट भी की गई और मैनेज करने के लिए पैसों की मांग की गई.

ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से अवैध वसूली आवेदक द्वारा यह भी आरोप लगाया गया था कि इस दौरान एक और लड़के को इसी तरह पकड़ा गया था और उससे भी पैसे की मांग की गई थी. दोनों व्यक्तियों को बोला गया कि पैसा नहीं देने पर जेल भेज दिया जाएगा. इन दोनों व्यक्तियों ने जेल जाने के डर से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के माध्यम से पुलिसवालों को 15-15 हजार रुपए दिए गए. इसके बाद दोनों लड़कों को पुलिस द्वारा छोड़ दिया गया.

आवेदक की शिकायत और आवेदन के आधार प बेऊर थाना में कांड दर्ज किया गया. अनुसंधान के क्रम में यह पता चला कि उस दिन रात्रि गश्ती में पीएसआई अंजनी कुमारी, हवलदार सिखारी कुमार, गृह रक्षक सुबोध कुमार, गृह रक्षक सुमन और थाना का निजी ड्राइवर धीरेंद्र ड्यूटी पर थे. घटनास्थल से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन में अवैध रूप से दिए गए 30 हजार के भुगतान का स्क्रीनशॉट और पीड़ित पक्ष द्वारा दिए गए बयान के बयान के आधार पर आरोप की पुष्टि हो गई.

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