रांची : कम बारिश की वजह से झारखंड में सूखे का संकट मंडरा रहा है। प्रदेश में जुलाई माह से अब तक पिछले 10 सालों की अपेक्षा सबसे कम बारिश हुई है। इसके कारण खेत में लगे धान के पौधे सुख रहे हैं। कृषि विभाग ने सभी जिलों से धान की रोपाई और बारिश की रिपोर्ट मांगी है। और दूसरी तरफ कृषि निदेशक ने जिलों को लंबी अवधि लगने वाले धान के फसल के बीज को बिक्री नही हो , इसे सुनिश्चित करने को कहा है।

सबसे कम हुई बारिश।

झारखंड में इस साल मानसून ने किसानों के साथ दगाबाजी की है। राज्य में अब तक सामान्य से 51 फ़ीसदी कम बारिश हुई है। जिसकी वजह से राज्य में 10% से भी कम बुआई हुई है। जबकि 65% बिचड़ा किसानों ने लगाया था। झारखंड के अलग अलग जिलों में सुखाड़ के क्या हालात है। इस मामले में कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने सभी जिलों के डीसी से जानकारी ली है।

झारखंड की स्थिति चिंताजनक।

राज्य के कृषि मंत्री बादल पत्र लिखने कहा कि झारखंड में कम बारिश से स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 1 सप्ताह तक राज्य में बारिश की स्थिति यह तय करेगा कि आगे हालात कैसे होंगे। अगर बारिश होगी तब भी धान की उपज पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा ।

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