नयी दिल्ली । प्रतिबंधित संगठन जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के चीफ यासीन मलिक को टेरर फंडिंग मामले में उम्रकैद की सजा सुनायी गयी है। NIA कोर्ट ने अब से कुछ देर पहले उसे इस मामले में सजा सुनायी है। जिस वक्त यासीन को कोर्ट में सजा सुनायी जा रही थी, उस दौरान कोर्ट रूम में काफी लोग मौजूद थे। कोर्ट के बाहर कई सारे लोग तिरंग लंकर भी पहुंचे हुए थे।
यासीन मलिक को इससे पहले 9 मई को अपना गुनाह कबूल कर लिया था। उसने कोर्ट में स्वीकार किया था कि वो कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में शामिल था। इनसब के बीच श्रीनगर के पास मैसुमा में यासीन मलिक का घर है, मलिक के घर की सुरक्षा बढ़ा दी है।
यासीन मलिक पर 10 लाख का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में एनआईए ने स्वत: संज्ञान लेते हुए 20 मई 2017 को केस दर्ज किया था। इस मामले में एक दर्जन से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किये गये थे, जिसके बाद 18 जनवरी 2018 को चार्जशीट फाइल की गयी थी। इस मामले में सुनवाई के दौरान यासीन ने कहा कि वो खुद पर लगे आरोपों को चुनौती नहीं देना चाहता है।

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