पीरियड्स के दौरान महिलाओं का मूड क्यों बदलता है? और क्या इस समय सेक्स करना है सही या गलत?

नई दिल्ली: मासिक धर्म यानी पीरियड्स के दौरान कई महिलाओं के मूड में अचानक बदलाव देखे जाते हैं। कुछ को थकान, चिड़चिड़ापन, पेट में दर्द या गैस जैसी परेशानियां होती हैं, वहीं कुछ को अचानक ऊर्जावान महसूस भी होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका असली कारण क्या है और इस दौरान सेक्स करना सुरक्षित है या नहीं?
मासिक धर्म क्यों होता है?
महिलाओं के ओवरी में एक अंडा परिपक्व होता है और गर्भाशय तक पहुँचता है। अगर इसे कोई शुक्राणु नहीं मिलता, तो शरीर गर्भाशय की तैयार कोशिकाओं और अंडे को बाहर निकाल देता है। यही प्रक्रिया मासिक धर्म कहलाती है।
हार्मोन और मूड स्विंग
पीरियड्स के दौरान शरीर में चार प्रमुख हार्मोन—एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन, एलएच और एफएसएच—में उतार-चढ़ाव होता है।
एस्ट्रोजन नई कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है और ऊर्जावान महसूस कराता है।
प्रोजेस्टेरोन गर्भाशय में ऊतक को सुरक्षित रखता है।
एलएच अंडे को अंडाशय से निकालने का काम करता है।
एफएसएच नया अंडा बनाता है।
इन हार्मोनल बदलावों के कारण प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (PMS) के लक्षण दिखाई देते हैं, जैसे पेट फूलना, स्तनों में दर्द, थकान, मुंहासे, चिड़चिड़ापन और रोने का मन।
पीरियड्स के दौरान सेक्स करना सुरक्षित है या नहीं?
बहुत से मिथक पीरियड्स के दौरान सेक्स को लेकर फैले हुए हैं। कुछ का मानना है कि इस दौरान सेक्स करना पुरुषों को नुकसान पहुंचा सकता है, लेकिन यह पूरी तरह गलत है। असुरक्षित यौन संबंध बनाने पर संक्रमण का खतरा रह सकता है, लेकिन सामान्य तौर पर यह सुरक्षित माना जाता है।
पीरियड्स में क्या कर सकते हैं आप?
अगर आपको तेज़ दर्द नहीं है, तो इस दौरान आप सामान्य कामकाज, पढ़ाई, जॉगिंग, दोस्तों से मिलना, फिल्में देखना और सेक्स करने जैसी गतिविधियाँ कर सकती हैं।









