सर्द मौसम में ब्लड प्रेशर क्यों बन जाता है साइलेंट किलर? जानिए वजह और कंट्रोल के 4 रामबाण उपाय
ठंड आते ही खून बन जाता है ‘कातिल’! सर्दियों में अचानक बढ़ता BP दे सकता है जानलेवा झटका

हेल्थ डेस्क: सर्दियों के मौसम में अगर आपका ब्लड प्रेशर बार-बार बढ़ रहा है, तो इसे हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक ठंड के मौसम में हाई ब्लड प्रेशर हार्ट अटैक, स्ट्रोक और ब्रेन हेमरेज का खतरा कई गुना बढ़ा देता है। यही वजह है कि सर्दियों में बढ़ता BP एक खामोश खतरे की घंटी माना जाता है।
क्या है ब्लड प्रेशर और कब बन जाता है जानलेवा?
ब्लड प्रेशर वह दबाव है, जो खून के बहने के दौरान आर्टरीज की दीवारों पर पड़ता है। इसे दो हिस्सों में मापा जाता है—
सिस्टोलिक (Systolic): जब दिल खून पंप करता है
डायस्टोलिक (Diastolic): जब दिल आराम की स्थिति में होता है
अगर सिस्टोलिक 140 mmHg या उससे अधिक और डायस्टोलिक 90 mmHg या उससे ऊपर बना रहे, तो यह हाइपरटेंशन कहलाता है, जो दिल और नसों पर अतिरिक्त दबाव डालकर गंभीर बीमारियों को न्योता देता है।
सर्दियों में क्यों अचानक बढ़ जाता है BP?
ब्लड प्रेशर कोई स्थायी संख्या नहीं है। यह उम्र, खान-पान, जीवनशैली और मौसम से सीधे तौर पर प्रभावित होता है। रिसर्च बताती है कि सर्दियों में सिस्टोलिक और डायस्टोलिक दोनों प्रेशर बढ़ जाते हैं।
ठंड में शरीर अपनी गर्मी बचाने के लिए ब्लड वेसल्स को संकरा कर देता है, जिसे Vasoconstriction कहा जाता है। इससे खून को बहने के लिए ज्यादा दबाव चाहिए और BP बढ़ जाता है।
इसके अलावा ठंड के कारण शरीर में Adrenaline और Noradrenaline जैसे हार्मोन रिलीज होते हैं, जो दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर दोनों को तेज कर देते हैं।
सर्दियों में ब्लड प्रेशर को काबू में रखने के 4 रामबाण इलाज
अगर समय रहते सावधानी बरती जाए, तो हाई BP को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। इसके लिए अपनाएं ये आसान उपाय—
1️⃣ लहसुन, मेथी और फ्लैक्ससीड को डाइट में शामिल करें
2️⃣ रोज सुबह गुनगुना पानी पीने की आदत डालें
3️⃣ तुलसी-अदरक की चाय से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है
4️⃣ कम नमक वाला भोजन और रोजाना हल्की एक्सरसाइज जरूर करें
ये उपाय नसों को रिलैक्स करते हैं, खून के प्रवाह को सुधारते हैं और दिल पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव कम करते हैं।
सावधान रहें, सुरक्षित रहें
सर्दियों में बढ़ता ब्लड प्रेशर अक्सर बिना किसी चेतावनी के हमला करता है। मौसम, खान-पान और जीवनशैली पर ध्यान देकर ही इस साइलेंट किलर से बचा जा सकता है। समय रहते संभल गए, तो खतरा टल सकता है… वरना एक लापरवाही भारी पड़ सकती है।









