बांका। जिले के रजौन प्रखंड के सुधांशु कुमार गलवान घाटी में शहीद हो गए। उनके शहादत की खबर आते ही पूरे गांव और आसपास के इलाके में सन्नाटा छा गया। उनके शोक में जनता ने कैंडल मार्च निकाला।

कैंडल मार्च

आसपास का पूरा क्षेत्र “भारत माता की जय, सुधांशु कुमार अमर रहे” के नारे से गुंज उठा। उनके शोक में शनिवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जायेगा। जिसमे अन्य बड़े नेता भी शमिल होंगे।

आपको बता दें कि ड्यूटी के दौरान जवान सुधांशु कुमार चौधरी एक हादसे का शिकार हो गये थे, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान राजेश कुमार चौधरी ने दम तोड़ दिया।

राजेश कुमार चौधरी, रजौन प्रखंड के सकहरा गांव के रहने वाले थे। साल 2020 में सुधांशु ने भारतीय सेना ज्वाइन की थी। सुधांशु की पोस्टिग गलवान घाटी में हुई थी, 21 अगस्त को गलवान घाटी में बायलर फटने से सुधांशु कुमार उर्फ राहुल गंभीर रूप से जलकर जख्मी हो गये थे। इसके बाद चंडीगढ़ में आनन-फानन में उन्हें भर्ती कराया गया था, जहां करीब दस दिन से लगातार इलाज चल रहा था। इस दौरान मंगलवार की रात इलाज के दौरान जवान शहीद हो गए।

घटना के बाद इलाके में शोक की लहर है। जवान सुधांशु कुमार चौधरी घर के इकलौते बेटे थे। हादसे के बाद से ही पिता राजेश कुमार चौधरी और मां संगीता देवी का रो रो कर बुरा हाल है।

शहीद जवान के दादा अनंत कुमार चौधरी के मुताबिक भारतीय सेना की तरफ से 21 अगस्त की शाम को हादसे की सूचना दी गयी थी। हालत में सुधार नहीं होने पर 28 अगस्त को जवान के माता, पिता और चाचा चंडीगढ़ के लिए रवाना हो गये थे। दो दिन बाद ही जवान सुधांशु कुमार चौधरी की शहादत की खबर आ गयी।

सुधांशु का शव उनके पैतृक गांव सकाहरा पहुंच गया, जहां भारतीय सेना के जवानों की मौजूदगी में पूरे सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई।

घटना के बाद से ही सकाहरा में लोगों का तांता लगा हुआ है। कुछ दिन पहले ही जवान सुधांशु अपने घर आया था। छुट्टी बिताने के बाद वो ड्यूटी पर लौटा था। इसी बीच उसके शहादत की खबर आ गई।

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