पटना (Agnipath Scheme) इन दिनों देश के अलग-अलग हिस्सों के युवा प्रोटेस्ट कर रहे हैं. ये तोड़-फोड़, आगजनी व अन्य हिंसक तरीकों से ‘अग्निपथ स्कीम’ के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करवा रहे हैं।

बिहार विधानसभा परिसर में सोमवार को विपक्ष ने अग्निपथ योजना को वापस लेने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। भाकपा माले और राजद विधायकों ने हाथों में पोस्टर लेकर परिसर में नारेबाजी कर रहे थे।

विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में सदन के अंदर विपक्ष हंगामा करने लगे। स्पीकर के बार-बार समझाने का भी विपक्ष पर कोई असर नहीं हुआ। इसका नतीजा यह हुआ की सदन की कार्यवाही दोपहर एक बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

बता दें कि सोमवार को जब बिहार विधान परिषद की कार्यवाही शुरू हुई तो राजद के प्रो रामबली सिंह चंद्रवंशी ने अग्निपथ योजना को लेकर कार्यस्थगन प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने इस पर चर्चा की मांग की। कार्यकारी सभापति अवधेश नारायण सिंह ने इसे अस्वीकृत कर दिया। स्पीकर ने विपक्षी सदस्यों की मांग पर कहा कि इसे कार्यमंत्रणा समिति में रखें, समिति मंजूरी दे देगी तब उस पर चर्चा की जा सकेगी। इसके बाद प्रश्नोत्तर काल शुरू हो गया।

योजना को लेकर जमकर बवाल:
बता दें कि कोरोना के चलते पिछले दो सालों से तीनों सेनाओं में भर्ती प्रक्रिया रुकी हुई थी. जिसके बाद सरकार और सेना की तरफ से अग्निपथ योजना लॉन्च की गई. इस योजना के तहत भर्ती होने वाले 75 फीसदी जवानों को चार साल बाद रिटायर होना पड़ेगा. महज चार साल के लिए सेना में चयन को लेकर पूरे देशभर में इस योजना का विरोध हो रहा है. तमाम राज्यों में छात्र इस योजना का विरोध कर रहे हैं. साथ ही सियासी दल भी लगातार सरकार की योजना का विरोध कर रहे हैं. हालांकि सेना की तरफ से साफ कर दिया गया है कि योजना वापस नहीं ली जाएगी और इसी के तहत आगे भर्तियां होंगीं. 

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