झारखंड : पलामू में दर्दनाक हादसा, कच्चे मकान में आग लगने से सब कुछ राख, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
Jharkhand: Tragic Accident in Palamu—Everything Reduced to Ashes After Fire Engulfs Mud House; Family Overwhelmed by a Mountain of Grief.

पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के पनेरीबांध गांव में बीती रात एक भीषण हादसा हो गया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। दिलीप पाठक के खपड़ापोस कच्चे मकान में अचानक आग लग गई और कुछ ही मिनटों में पूरा घर आग की लपटों में घिर गया।
नींद में सोता रहा परिवार, पल भर में छिन गया आशियाना
घटना के वक्त घर के सभी सदस्य गहरी नींद में थे। आग लगने की शुरुआत में किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। जब तक परिवार की नींद खुली, तब तक आग पूरे घर में तेजी से फैल चुकी थी और बाहर निकलने का रास्ता मुश्किल हो गया था। किसी तरह लोग जान बचाकर बाहर भागे।
मच्छर अगरबत्ती बनी हादसे की वजह, कच्चा मकान बना तबाही का कारण
परिजनों के अनुसार रात करीब 10:30 बजे मच्छरों से बचाव के लिए जलाई गई अगरबत्ती से ही आग भड़क गई। कंडी और बांस से बने कच्चे मकान में आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते पूरा घर इसकी चपेट में आ गया।
तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पाया गया काबू
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और मोटर पंप की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। कुछ देर बाद फायर ब्रिगेड भी पहुंची और करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रात लगभग 2 बजे आग पर काबू पाया जा सका।
आठ लाख की संपत्ति जलकर खाक, खुशियां भी राख में बदल गईं
इस भीषण अग्निकांड में करीब 8 लाख रुपये की संपत्ति पूरी तरह नष्ट हो गई। घर में रखे सोने चांदी के जेवर, 50 हजार रुपये नकद, सगाई के लिए खरीदे गए सामान, कपड़े, अनाज और फर्नीचर सब कुछ जलकर राख हो गया। पूरा मकान भी पूरी तरह तबाह हो गया।
पांच बेटियों वाले परिवार पर टूटा संकट, छत भी छिन गई
दिलीप पाठक ने बताया कि उनके परिवार में पांच बेटियां हैं। दो बेटियां अपने परिवार के साथ इसी घर में रहती थीं, जबकि बाकी तीन पास में रहती हैं। हादसे के समय वह और उनकी पत्नी घर पर मौजूद नहीं थे। सुबह लौटने पर उन्होंने जो देखा, उससे वे पूरी तरह सदमे में आ गए।
शादी की खुशियां मातम में बदलीं, तैयारी पर फिरा पानी
सबसे दुखद बात यह रही कि परिवार में एक नातिन की शादी की तैयारी चल रही थी। सगाई के लिए पूरा सामान भी पहले ही खरीद लिया गया था, लेकिन इस हादसे ने सारी खुशियों को राख में बदल दिया।
बेघर हुआ परिवार, बेटी के घर ले रहे सहारा
घर पूरी तरह जल जाने के बाद अब परिवार के पास रहने की कोई जगह नहीं बची है। फिलहाल दिलीप पाठक का परिवार अपनी बेटी के घर में शरण लेने को मजबूर है। गांव के लोग मदद के लिए आगे आ रहे हैं, लेकिन भारी नुकसान के कारण परिवार गहरे संकट में है।









