थाली में छिपा खौफ! ‘शिमला मिर्च’ कहकर शेफ ने निगल ली छिपकली… यूनिवर्सिटी मेस का Video देख दहल जाएंगे आप
भोपाल के नामी इंजीनियरिंग कॉलेज में खाने से निकला ऐसा ‘राज’, जिसने उड़ा दिए सबके होश

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ छात्रों को झकझोर दिया बल्कि सोशल मीडिया पर भी सनसनी फैला दी। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (UIT) के हॉस्टल मेस में परोसे जा रहे खाने में कुछ ऐसा मिला, जिसे देखकर किसी का भी खाना गले से नीचे न उतरे।
थाली में दिखी ‘छिपकली’, छात्र ने मचाया हंगामा
घटना उस वक्त की है जब एक छात्र आराम से खाना खा रहा था, तभी उसकी नजर प्लेट में पड़ी एक संदिग्ध चीज़ पर गई। ध्यान से देखने पर वह चौंक पड़ा—वह चीज़ किसी सब्ज़ी का टुकड़ा नहीं बल्कि एक छिपकली जैसी आकृति थी।
घबराए छात्र ने तुरंत मेस स्टाफ को बुलाया और पूछा—
“भाई साहब, ये क्या है? छिपकली है!”
“अरे यार, शिमला मिर्च है…”—और फिर जो हुआ, वो और भी डरावना
मेस कर्मचारियों ने छात्र की बात को हल्के में लेते हुए कहा—
“अरे यार, ये शिमला मिर्च है… कैसी बातें कर रहे हो!”
UIT RGPV Bhopal: A student allegedly claimed a lizard in his mess food.
When he complained, the staff denied it and said it was capsicum, and later ate the lizard to prove their point
https://t.co/Wa6uBFIf5Y— Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 22, 2026
लेकिन छात्र लगातार कहता रहा कि वह साफ तौर पर पैर और आंखें देख सकता है। तभी माहौल उस वक्त और ज्यादा खौफनाक हो गया, जब एक शेफ ने सभी के सामने उस संदिग्ध टुकड़े को उठाया… और उसे खा लिया!

जी हां, शेफ बार-बार यही साबित करने की कोशिश करता रहा कि वह सिर्फ शिमला मिर्च है।
Video वायरल—लोग बोले: “सच छिपाने का सबसे खतरनाक तरीका!”
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
एक यूज़र ने लिखा—
“अच्छा हुआ वीडियो बना लिया, वरना कोई यकीन ही नहीं करता!”
वहीं दूसरे ने तंज कसते हुए कहा—
“जब बचाव का तरीका ही ये हो कि सबूत को ही खा जाओ…”
एक अन्य यूज़र ने हैरानी जताई—
“छिपकली को शिमला मिर्च साबित करने के लिए उसे खा लेना… ये तो हद हो गई!”
खाने की सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल
इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी मेस की हाइजीन और फूड सेफ्टी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्र अब डर और गुस्से में हैं—आखिर जिस जगह वे रोज़ खाना खाते हैं, वहां उनकी सेहत कितनी सुरक्षित है?









