रांची। झारखंड में शिक्षा की बुनियादी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार बड़ी तेजी से काम कर रही है। शिक्षा विभाग में खाली पड़े पदों को भरने की कोशिशें जहां एक तरह जारी है, तो वहीं दूसरी तरफ गुणवत्ता युक्त शिक्षा को लेकर भी सरकार लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने एक बार फिर दोहराया है कि प्रदेश में प्राइवेट स्कूल से ज्यादा बेहतर सरकारी स्कूल बने, इस दिशा में सरकार कदम बढ़ा रहा ही।

राज्य सरकार ने अगले शैक्षणिक सत्र से सभी माडल स्कूलों में पढ़ाई शुरू करने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को युवाओं को संबोधित करते हुए इस बात के संकेत दिये हैं कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने की दिशा में और भी बड़े कदम उठाये जायेंगे।

निजी विद्यालय से बेहतर बनेंगे सरकारी विद्यालय

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने के लिए सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी है।  सभी जिलों में अगले सेशन से मॉडल स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो जाएगी । स्कूलों में निजी विद्यालयों की तरह सभी सुविधाएं मौजूद होगी। हमारा प्रयास है कि निजी विद्यालयों से भी बेहतर सरकारी विद्यालयों को बनाएं। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजातियों के साथ अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों को भी विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए होने वाले खर्च को सरकार वहन करेगी।

कैबिनेट में इस पर लगी थी मुहर

80 स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, 62 शहरी निकाय के आदर्श विद्यालय,18 माॅडल विद्यालय एवं 245 प्रखण्ड स्तरीय आदर्श विद्यालयों (कुल 405 विद्यालय) के प्रधानाध्यापकों के क्षमता निर्माण एवं नेतृत्व कौशल विकास प्रशिक्षण हेतु संस्था के चयन हेतु झारखण्ड वित्त नियमावली के नियम 235 के प्रावधानों को झारखण्ड वित्त नियमावली के नियम 245 के अधीन शिथिल करते हुए भारतीय प्रबंधन संस्थान, राँची (IIM, Ranchi) का चयन मनोनयन के आधार पर करते हुए आगामी तीन वर्षों के लिए एकरारनामा करने पर स्वीकृति दी गई।

अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य हेतु तत्कालिक व्यवस्था के तहत् सर्विस प्रोक्योरमेंट के आधार पर अंशकालीन शिक्षकों से कार्य लिए जाने की अवधि विस्तार की स्वीकृति दी गई।

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