चुनाव से पहले वादों की बौछार… फ्री सुविधाओं की आंधी या वोट का बड़ा दांव, ‘5+1 गारंटी’ से गरमाया माहौल!
केरल में UDF का बड़ा दांव, मुफ्त यात्रा से लेकर हजारों रुपये की मदद तक… क्या ये वादे बदल देंगे चुनाव का खेल?

केरल। चुनावी माहौल गरमाते ही राजनीतिक दलों ने अपने-अपने पत्ते खोलने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने 2026 विधानसभा चुनाव से पहले अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है, जिसमें ‘5+1 गारंटी’ के नाम पर कई बड़ी और आकर्षक योजनाओं का ऐलान किया गया है।
एर्नाकुलम में आयोजित कार्यक्रम में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने इस घोषणापत्र को जारी किया। इस दौरान रेवंत रेड्डी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जिनका जिक्र करते हुए UDF ने अपने वादों को पूरा करने का भरोसा भी जताया।
सतीशन ने बताया कि यह घोषणापत्र राहुल गांधी द्वारा ‘पुथु युग यात्रा’ के समापन पर घोषित पांच प्रमुख गारंटियों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने पर UDF राज्य की कल्याण पेंशन को ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 कर देगी और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से सरकारी विभाग बनाया जाएगा।
घोषणापत्र में शामिल ‘5+1 गारंटी’ ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है। इसके तहत केरल राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा, कॉलेज जाने वाली छात्राओं को ₹1,000 मासिक सहायता, पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के नाम पर ₹25 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा, पेंशन में बढ़ोतरी और युवाओं के लिए ब्याज-मुक्त ऋण जैसी योजनाएं शामिल हैं।
UDF ने इन घोषणाओं के जरिए खास तौर पर युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों को साधने की रणनीति अपनाई है। साथ ही तेलंगाना मॉडल का हवाला देते हुए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि वादे सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेंगे।
हालांकि, चुनावी मौसम में किए गए इन बड़े वादों पर सवाल भी उठने लगे हैं कि क्या इन्हें लागू करना आर्थिक रूप से संभव होगा या यह सिर्फ वोट बैंक को आकर्षित करने की रणनीति है। अब देखना होगा कि मतदाता इन गारंटियों को कितना भरोसेमंद मानते हैं और इसका चुनावी नतीजों पर क्या असर पड़ता है।









