हरी चूड़ियों का सावन में महत्व

सावन के महीने में सबसे अधिक बारिश होती है जिसके कारण चारों ओर हरियाली नजर आती है। हरा रंग उल्लास का प्रतीक होता है जो मन को आनंदित रखता है। ऐसी मान्यता है कि सावन मास में भगवान शिव को चढ़ाए जाने वाले बेल और धतूरे का रंग हरा होता है। प्रकृति का निर्माण करने वाले भगवान शिव हरे रंग से प्रसन्न होते हैं। यही कारण है कि सुहागिन महिलाएं सावन में हरी चूड़ियां पहनती हैं। साथ ही हरी चूड़ियों को सुहाग का प्रतीक भी माना जाता है। हरी चूड़ियां पहनकर महिलाएं भोलेनाथ की विधि विधान से पूजा करती हैं और उन्हें प्रसन्न करने की कोशिश करती हैं।

पति की लंबी आयु से जुड़ी होती हैं हरी चूड़ियां  

सावन के महीने में हरी चूड़ियां और हरे वस्त्र पहनने से महिलाओं को शिव जी का आशीर्वाद मिलता है। इतना ही नहीं महिलाओं के पति की आयु भी इससे लंबी होती है। सावन का महीना भगवान शिव के भक्तों के लिए बहुत शुभ माना जाता है। इनमें लगभग सभी लोग पूरे महीने अन्यथा कम से कम प्रत्येक सोमवार को उपवास और पूजा अर्चना जरूर करते हैं। जुलाई-अगस्त का महीना हिंदू कैलेंडर में सबसे शुभ माना जाता है और इसका आध्यात्मिक दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व है। इसीलिए किसी भी पूजा या अन्य धार्मिक आयोजन करने के लिए यह माह बहुत ही शुभ माना जाता है। इस महीने के सभी दिनों को किसी भी नए काम की शुरुआत के लिए बहुत समृद्ध माना जाता है।

ज्योतिष में बुध ग्रह का रंग हरा रंग ही माना जाता है। इंसान की कामयाबी के लिए, उसका करियर में सफल होना बहुत जरुरी है और इसके लिए बुध ग्रह को खुश करने के लिए हरे रंग का श्रृंगार किया जाता है।

नोट: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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