झारखंड : डिलीवरी ब्वॉय और किराएदारों के लिए पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य, जानिए क्या है वजह
Police verification is mandatory for delivery boys and tenants, know the reason

राजधानी रांची में अब डिलीवरी ब्वॉय को पुलिस वेरीफिकेशन करना होगा. दरअसल जिले को सुरक्षित और अपराध मुक्त बनाने के लिए डीआईजी सह एसएसपी रांची चन्दन कुमार सिन्हा ने यहां काम करने वाले सभी डिलीवरी ब्वॉय का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य करने के निर्देश दे दिया हैं. मालूम हो की इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं.
आखिर एसएसपी ने क्यों लिया यह फैसला?
डीआईजी सह एसएसपी रांची चन्दन कुमार सिन्हा का कहना है कि रांची में बड़ी संख्या में लड़के डिलीवरी ब्वॉय काम करते हैं. खाना पहुंचाने से लेकर कुरियर तक डिलीवरी ब्वॉय ही पहुंचाते हैं.
हाल के दिनों में चोरी की कुछ घटनाओं में डिलीवरी ब्वॉय की संग्लिप्ता सामने आयी थी. जिसे पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भी भेजा है. यही वजह है की सुरक्षा की दृष्टि से सभी डिलीवरी ब्वॉय का पुलिस वेरिफिकेशन किया जाएगा. इसके लिए जल्द ही निजी कंपनियों के साथ बैठक की जाएगी.
डिलीवरी ब्वॉय नहीं रख सकेगी कंपनी!
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रांची में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य करने के लिए पुलिस अब रांची में काम करने वाले डिलीवरी ब्वॉयज पर भी नजर रखने की कवायद शुरू कर दी है.
इसके लिए शहर में कार्यरत डिलीवरी ब्वॉय का पुलिस वेरिफिकेशन करना जरूरी होगा. डीआईजी सह एसएसपी रांची द्वारा दिए गए निर्देशों के मुताबिक, कोई भी निजी डिलीवरी कंपनी बिना पुलिस वेरिफिकेशन कराए किसी डिलीवरी ब्वॉय को नौकरी पर नहीं रख सकेगी.
कंपनी को थाने में देना होगा अवेदन
गौरतलब है कि हाल ही में रांची में ऐसे आपराधिक मामलों का खुलासा हुआ है, जिनमें डिलीवरी ब्वॉय की भूमिका संदिग्ध पाई गई है. इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस अब पूरी सतर्कता के साथ कार्रवाई में जुट गई है.
रांची पुलिस के द्वारा यह स्पष्ट किया है कि रांची में कार्यरत सभी डिलीवरी कंपनियों को अपने कर्मचारियों का सत्यापन पुलिस से कराना होगा. इसके लिए थानों में उन्हें आवेदन देना होगा. पुलिस वेरिफिकेशन के बाद ही कोई भी कंपनी संबंधित व्यक्ति को काम पर रख सकती है.
निजी कंपनियों के साथ SSP जल्द करेंगे बैठक
जानकारी के अनुसार, डीआईजी सह एसएसपी रांची चन्दन कुमार सिन्हा जल्द ही डिलेवरी ब्वॉयज को लेकर निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे. इस बैठक में कंपनियों को साफ तौर पर दिशा-निर्देश दिए जाएंगे कि वे नए डिलेवरी ब्वाय को काम पर रखने से पहले संबंधित थाना में उसका चरित्र प्रमाण पत्र और सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करें. पुराने कर्मचारियों का भी वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा.
डिलिवरी ब्वाय की लिस्ट थाने में होगी जमा!
इसके अलावे जिले के सभी थानों में डिलीवरी ब्वॉय का लिस्ट दी जाएगी. डिलीवरी ब्वॉय का जब सत्यापन होगा तो संबंधित थाना उनकी अलग से लिस्ट बनाएगी. उसे एक रजिस्टर में जमा किया जाएगा. उस रजिस्टर में संबंधित व्यक्ति का नाम, पता और मोबाइल नंबर भी दर्ज होगा. रांची पुलिस का मानना है कि इस व्यवस्था से संदिग्ध या आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति डिलेवरी सेवा में शामिल नहीं हो सकेंगे.
SSP के फैसले के पीछे ये है वजह!
गौरतलब है कि बीते चार दिनों पहले चुटिया थाना पुलिस एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फूड डिलीवरी ब्वॉय की वर्दी पहनकर मोबाइल छिनताई करता था. पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और उनके पास से 26 स्मार्टफोन और एक चोरी की स्कूटी बरामद की.
वहीं कांके पुलिस ने भी बीते मंगलवार को दिनदहाड़े हुई दो बड़ी चोरी की घटनाओं का पर्दाफाश कर पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया है. जिसमें मास्टरमाइंड डिलीवरी ब्वॉय बनकर पहले घरों की रेकी करता था और मौका मिलते ही वारदात को अंजाम देता था.









