चाय बागान में PM का खास अंदाज़! महिलाओं संग पत्तियां तोड़ते दिखे मोदी, अचानक क्या है इसके पीछे का बड़ा संदेश?

चुनाव से पहले असम में सियासी हलचल तेज… तस्वीरों में दिखी ज़मीन से जुड़ने की कोशिश

डिब्रूगढ़। असम के डिब्रूगढ़ में आज सुबह एक अलग ही नज़ारा देखने को मिला, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अचानक चाय बागान पहुंच गए। यहां उन्होंने न सिर्फ महिलाओं से मुलाकात की, बल्कि उनके साथ मिलकर चाय की पत्तियां भी तोड़ीं। यह दृश्य देखते ही देखते चर्चा का विषय बन गया।

चाय बागान में काम कर रही महिलाओं ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। उनकी अपील पर पीएम मोदी ने उनके साथ बातचीत की, उनकी जिंदगी और संस्कृति को करीब से समझा और फिर सभी के साथ सेल्फी भी ली। इस दौरान माहौल बेहद सहज और आत्मीय नजर आया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इन खास पलों को साझा करते हुए लिखा कि “चाय असम की आत्मा है” और यहां की चाय ने पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने बताया कि चाय बागान में महिलाओं के साथ बिताया गया यह समय उनके लिए बेहद यादगार रहा। महिलाओं ने भी अपनी परंपराओं और संस्कृति के बारे में उनसे खुलकर बातचीत की।

आंकड़ों के मुताबिक, असम हर साल करीब 630 से 700 मिलियन किलोग्राम चाय का उत्पादन करता है, जो भारत के कुल उत्पादन का आधे से भी ज्यादा है। यही वजह है कि चाय उद्योग यहां की अर्थव्यवस्था और पहचान का अहम हिस्सा माना जाता है।

हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को सिर्फ एक सामान्य दौरा मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा रहा। दरअसल, असम में 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने हैं और 4 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे। ऐसे में पीएम मोदी का चाय बागानों में पहुंचना और वहां काम करने वाले लोगों से जुड़ाव दिखाना राजनीतिक नजरिए से भी काफी अहम माना जा रहा है।

राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के सामने जहां बीजेपी को दोबारा सत्ता में लाने की चुनौती है, वहीं कांग्रेस भी कड़ी टक्कर देती नजर आ रही है। ऐसे में यह दौरा साफ संकेत देता है कि बीजेपी चाय बागान से जुड़े श्रमिकों और उनके परिवारों को अपने साथ जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

close