एक घर, दो पावर सेंटर: विधायक रागिनी सिंह और मेयर संजीव सिंह; धनबाद में फिर गूंजा मेंशन का नाम
One house, two power centers: MLA Ragini Singh and Mayor Sanjiv Singh; Dhanbad's mansion name resonates again.

धनबाद: राजनीतिक झंझावातों से जूझते हुए “सिंह मेंशन” ने एक बार फिर शिखर छू लिया है। झरिया के पूर्व भाजपा विधायक Sanjeev Singh अब धनबाद नगर निगम के मेयर बनकर शहर के पहले नागरिक की कुर्सी पर पहुंच गए हैं। आठ साल से अधिक समय जेल में बिताने के बाद उनकी यह वापसी कोयलांचल की राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के रूप में देखी जा रही है।
भाजपा से बागी होकर चुनाव मैदान में उतरना आसान फैसला नहीं था। पार्टी के भीतर से आलोचना हुई, तीखी बयानबाजी भी हुई, लेकिन संजीव सिंह अपने निर्णय पर अडिग रहे। उनकी पत्नी और झरिया से भाजपा विधायक Ragini Singh चुनाव प्रचार से पूरी तरह दूर रहीं, जिससे राजनीतिक हलकों में कई सवाल उठे। इसके बावजूद संजीव सिंह और उनके समर्थक पूरे दमखम से मैदान में डटे रहे।
इस चुनाव में उन्हें एक लाख से अधिक मत मिले, जो नगर निगम चुनाव के इतिहास में पहली बार हुआ है। यह जीत केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं मानी जा रही, बल्कि इसके राजनीतिक संदेश भी दूरगामी बताए जा रहे हैं।
2019 में झटका झेलने के बाद 2024 में रागिनी सिंह की झरिया से जीत और अब संजीव सिंह का मेयर बनना, इसे राजनीतिक “बनवास” की समाप्ति के रूप में देखा जा रहा है। धनबाद नगर निगम क्षेत्र का प्रभाव धनबाद, झरिया, सिंदरी, बाघमारा और टुंडी विधानसभा क्षेत्रों तक है। ऐसे में स्पष्ट है कि संजीव सिंह की सक्रियता अब झरिया से आगे बढ़कर पूरे धनबाद जिले की राजनीति में असर डालेगी।









