पटना नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम,बिहार (पुरानी पेंशन बहाली हेतु प्रतिबद्ध राष्ट्रीय संगठन) द्वारा दिनांक 1 सितंबर 2022 को राज्यव्यापी काला दिवस के सफल आयोजन पर समर्थन में आयी सभी सेवा संघ /संगठनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया गया और इसी तरह पुरानी पेंशन बहाली के इस मुहिम में साथ देने का अनुरोध किया गया।

     एनएमओपीएस बिहार के सभी जिलों की टीम को भी साधुवाद देते हुए इसी एकजुटता के साथ  संघर्ष में साथ  देने का आह्वान किया गया।

        प्रदेश अध्यक्ष वरुण पांडेय द्वारा बताया गया कि कैमूर से किशनगंज और बेतिया से बांका तक पूरे बिहार के अधिकारी ,कर्मचारी शिक्षक सहित सभी कर्मियों ने नई पेंशन योजना लागू होने के दिन को काला दिवस के रूप में मनाया,  वे सभी बधाई के पात्र हैं। ये हक की लड़ाई है  इसमें जरूर कामयाबी मिलेगी। पुरानी पेंशन  योजना बहाल कराना एनएमओपीएस का एक मात्र लक्ष्य है और हमसब इसे ले के रहेंगे बस सबों को इसी एकजुटता के साथ डटे रहना है।

प्रदेश महासचिव शशि भूषण के द्वारा बताया गया कि एनएमओपीएस का यह मुहिम पूरी तरह सफल रहा और यह प्रतीकात्मक विरोध राजधानी पटना से बाहर निकलकर सुदूर क्षेत्रों में स्थित कार्यालयों में भी देखने को मिला. हमारे पास विभिन्न कार्यालयों से जो तस्वीरें प्राप्त हो रही है उनमें देखा जा रहा है कि सुदूर क्षेत्र में स्थित प्रखंड कार्यालय, बाढ़ नियंत्रण कार्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसे जगहों पर कार्यरत पदाधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा इस प्रतीकात्मक विरोध में हिस्सा लिया गया और अपनी तस्वीरें साझा की गई.इसमें सहभाग करने वाले सभी साथियों को सैल्यूट और धन्यवाद देते हैं।

आभार पत्र


प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिरुद्ध प्रसाद ने भी काला दिवस में हिस्सा लेने वाले सभी सरकारी सेवकों को साधुवाद दिया और सदस्यता अभियान को अतिशीघ्र पूर्ण करने का आह्वान किया ,उन्होंने झारखंड में पुरानी पेंशन लागू होने पर प्रसन्नता व्यक्त की और जल्द ही बिहार में लागू कराने की प्रतिबद्धता को दोहराया।
प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव तिवारी द्वारा बताया गया कि अपने पूरे सेवाकाल में किसी एक मुद्दे पर तमाम सरकारी सेवक संवर्गों/ संगठनों को इस तरह से एकजुट होते हुए मैंने पहले कभी नहीं देखा. ऐसी एकजुटता उत्साह बढ़ाने वाली है ,इसलिए इस आंदोलन की गंभीरता को समझते हुए राज्य सरकार को यथाशीघ्र इस पर सहानुभूति पूर्वक विचार करना चाहिए. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड के बाद बिहार की संवेदनशील सरकार निश्चित रूप से इस मामले में कोई सकारात्मक फैसला लेगी.

प्रदेश विधिक सलाहकार शंकर प्रसाद सिंह द्वारा भी एनएमओपीएस की इस मुहिम में समर्थन देने वाले सभी संगठनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया.
प्रदेश मुख्य प्रवक्ता श्री संतोष कुमार द्वारा बताया गया कि अगर शीघ्र ही सरकार के तरफ से कोई सकारात्मक संदेश प्राप्त नहीं होता है तो राज्य कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर चरणबद्ध आंदोलन के संबंध में निर्णय लिया जाएगा लेकिन पुरानी पेंशन बहाल होने तक चैन से नहीं बैठना है और इस हेतु उनके द्वारा तमाम सरकारी सेवकों से आह्वान किया गया.
दिनांक 1 सितंबर 2022 से पड़ोसी राज्य झारखंड में पुरानी पेंशन लागू किए जाने की घोषणा का एनएमओपीएस बिहार की टीम द्वारा स्वागत किया गया तथा झारखंड के साथियों को बधाई देते हुए झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया गया.
बताते चलें कि पेंशन पुरुष के नाम से प्रसिद्ध एनएमओपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु के नेतृत्व में देशभर के पेंशन विहीन कर्मी आंदोलनरत हैं और उनके नेतृत्व में संघर्ष करते हुए राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड में सफलता प्राप्त की गई है तथा अन्य कई राज्यों में शीघ्र सफलता की उम्मीद है.

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