Holi 2026 Travel Crisis ने रांची से घर लौटने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं। होली के मौके पर ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट, बसों में फुल सीटें और फ्लाइट टिकटों में भारी बढ़ोतरी ने सफर को किसी परीक्षा से कम नहीं रहने दिया। कई यात्री जनरल और स्लीपर कोच में फर्श पर बैठकर यात्रा करने को मजबूर दिखे।
रेलवे की आरक्षण स्थिति बेहद दबाव में रही। मौर्या एक्सप्रेस में 2 और 3 मार्च को स्लीपर श्रेणी में लंबी वेटिंग रही। वहीं रांची-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस, रांची-बनारस वंदे भारत एक्सप्रेस, रांची गरीब रथ एक्सप्रेस और झारखंड संपर्क क्रांति एक्सप्रेस की सभी श्रेणियां पहले से फुल रहीं। हटिया-हावड़ा एक्सप्रेस में भी टिकट के लिए मारामारी की स्थिति रही।
बस सेवाओं में भी भीड़ कम नहीं थी। अधिकांश सीटें पहले से बुक हो चुकी थीं। ऑनलाइन टिकट बुकिंग में किराया डेढ़ गुना तक बढ़ गया। पटना रूट पर किराया 1400 से 1600 रुपये तक पहुंच गया। दरभंगा और उत्तर प्रदेश जाने वाली बसों में भी यात्रियों को दोगुने दर पर टिकट लेना पड़ा। झारखंड प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सच्चिदानंद सिंह ने बताया कि बिहार रूट की सीटें पहले ही आरक्षित हो चुकी थीं।
हवाई यात्रा भी महंगी साबित हुई। अचानक बढ़ी मांग के कारण फ्लाइट टिकट सामान्य दिनों से दोगुने से अधिक कीमत पर बिके। कुल मिलाकर, Holi 2026 Travel Crisis ने साफ कर दिया कि त्योहार पर यात्रा की योजना पहले से बनाना बेहद जरूरी है।