झारखंड : रांची प्रशासन ने भू-राजस्व मामलों में दिखाई सख्ती…जमीन माफिया के खिलाफ कड़ा संदेश
Ranchi Administration Demonstrates Strictness in Land Revenue Matters... A Strong Message Against the Land Mafia

रांची। भू-राजस्व से जुड़े मामलों में लगातार शिकायतें मिलने के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला दंडाधिकारी और उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने समीक्षा बैठक में स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर जमीन माफिया से मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अंचल अधिकारियों को सख्त निर्देश
डीसी ने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी सीओ, सीआई या राजस्व कर्मचारी किसी भी अनियमित गतिविधियों में शामिल न हों। नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों को किसी भी हालात में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने भू-राजस्व मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया।
मुख्य निर्णय और कार्रवाई
- कांके अंचल: अवैध बाउंड्री वॉल निर्माण मामले में एक राजस्व कर्मचारी को निलंबित किया गया।
- अनगड़ा अंचल: 90 दिनों से लंबित म्यूटेशन आवेदनों में देरी के लिए संबंधित कर्मचारी को शोकॉज नोटिस जारी।
- दाखिल-खारिज मामलों में तेजी: 10 डिसमिल से कम जमीन के म्यूटेशन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादित करने के निर्देश।
- पंजी-2 सुधार समीक्षा: पिछले दो महीने की रिपोर्ट मांगी गई और अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई का संकेत दिया गया।
प्रशासन का संदेश
डीसी ने चेतावनी दी कि यदि लंबित मामलों की अनदेखी की गई तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। भू-राजस्व मामलों में निष्पक्षता और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए सभी अंचल अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।







