झारखंड में हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति मामला…कोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप…वर्षों से लंबित भर्ती प्रक्रिया फिर न्यायिक दायरे में
High School Teacher Recruitment Case in Jharkhand: Allegations of Disregard for Court Orders—Years-Pending Recruitment Process Back Under Judicial Scrutiny.

रांची। झारखंड में हाईस्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया लंबे समय से रुकी हुई है और अब यह न्यायिक ध्यान में आ गई है। वर्ष 2016 से चली आ रही स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के मामले में 200 से अधिक अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने नियुक्ति प्रक्रिया में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
याचिकाकर्ताओं की शिकायतें
अधिवक्ता शेखर प्रसाद गुप्ता की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि आयोग ने अदालत के निर्देशों की अवहेलना की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्षों से वे नियुक्ति की प्रतीक्षा में हैं, लेकिन आयोग की निष्क्रियता के कारण प्रक्रिया ठप है।
मुख्य तथ्य
- भर्ती पदों की संख्या: राज्य में 2034 हाईस्कूल शिक्षक पदों पर नियुक्ति लंबित।
- कोर्ट का आदेश: जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने 1 सितंबर 2025 को JSSC को निर्देश दिया था कि सभी रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।
- समयसीमा की अवहेलना: हाईकोर्ट ने 8 सप्ताह में आवेदन प्रक्रिया और 6 माह में नियुक्ति पूरी करने का आदेश दिया था, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई।
- याचिकाओं की संख्या: कुल 258 याचिकाओं पर सुनवाई की गई।
अभ्यर्थियों की नाराजगी
आयोग की निष्क्रियता के कारण अभ्यर्थियों में निराशा और असंतोष बढ़ रहा है। अब वे न्यायालय से कड़ा कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि लंबे समय से रुकी भर्ती प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सके।








