झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : TGT नियुक्ति की जांच के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित, 2034 पदों पर जल्द होगी भर्ती

Jharkhand High Court's big decision: Fact finding committee formed to investigate TGT appointment, 2034 posts will be recruited soon

झारखंड हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति विवाद पर बीते कल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया. हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की बेंच ने सेवानिवृत्त जस्टिस डॉ. एसएन पाठक की अध्यक्षता में एक सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग आयोग का गठन किया है.

यह आयोग जेएसएससी द्वारा हाई स्कूल शिक्षक नियुक्ति में अनियमितताओं की जांच करेगा.जिन पदों को रिक्त पाया जाएगा, उनके भरने की सिफारिश करेगा. इन रिक्त पदों पर प्राथमिकता याचिकाकर्ताओं को मिलेगी.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कमीशन को तीन महीने के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट कोर्ट में जमा करने का निर्देश दिया गया है. कुल 257 याचिकाओं पर अंतिम निर्णय सुनाते हुए कई सख्त निर्देश दिए गए. अदालत ने कहा कि 2034 विज्ञापित पदों पर याचिकाकर्ताओं द्वारा जमा किए गए आवेदन का निपटारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश 02.08.2022 के आधार पर किया जाएगा. इन पदों को भरने के लिए कोर्ट ने समय सीमा तय की है और याचिकाकर्ताओं को अपने प्रतिवेदन झारखंड स्टाफ सेलेक्शन कमीशन सचिव को सौंपने का निर्देश दिया है.

नियुक्तियों की होगी जांच

सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से कहा गया कि साल 2016 की हाई स्कूल शिक्षक नियुक्ति की मेरिट लिस्ट में गंभीर त्रुटियां हैं. आरोप है कि कई अभ्यर्थी जिनके अंक कम थे, उन्हें चयनित कर दिया गया, जबकि अधिक अंक पाने वालों को बाहर कर दिया गया. वहीं, राज्य सरकार की ओर से दायर शपथ पत्र में पदों की संख्या को लेकर विरोधाभास सामने आया.

इस दौरान वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार के साथ अधिवक्ता शेखर प्रसाद गुप्ता ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट के सोनी कुमारी मामले में 425 अभ्यर्थियों की नियुक्ति का आदेश था, जबकि राज्य सरकार ने कहा कि केवल 377 ने योगदान दिया. सरकार का यह भी दावा गलत बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने अनुशंसित नामों को भी प्रोटेक्शन दिया था.

वहीं हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान जेपीएससी और जेएसएससी को फैक्ट फाइंडिंग काउंटर बनाने का निर्देश दिया है. ताकि अभ्यर्थियों को भर्ती से जुड़ी सूचनाएं आसानी से मिल सकें और उन्हें कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की जरूरत न पड़े.

विसंगतियों को जांच करेगा आयोग

गौरतलब है कि इस मामले में यह भी पाया गया कि सरकार के 23 फरवरी 2024 के रिजोल्यूशन में पदों की संख्या को लेकर विसंगति है. जहां केवल 8,171 पदों के भरे जाने का उल्लेख किया गया, वहीं जेएसएससी के विज्ञापन में 17,786 पद बताए गए थे. इस विसंगति की जांच भी वन मैन कमीशन करेगा.  इसके अतिरिक्त, जो अधिकारी जांच में दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की सिफारिश भी आयोग करेगा.

अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं. वहीं, जेएसएससी की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन, संजय पिपरवाल और प्रिंस कुमार सिंह ने पक्ष रखा. मालूम हो कि यह याचिका मीना कुमार समेत 257 याचिकाओं पर अंतिम निर्णय सुनाया है.

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