झारखंड : सीएम हेमंत और मंत्रियों- विधायकों को खतरा, स्पेशल ब्रांच रिपोर्ट में खुलासा
CM Hemant and ministers-MLAs are in danger, revealed in special branch report

सीएम हेमंत सहित उनकी कैबिनेट के मंत्री और झारखंड के विधायकों की जान को खतरा हो सकता है. स्पेशल ब्रांच ने माननीयों की सुरक्षा के मद्देनजर एक रिपोर्ट तैयार की है जिसमें यह आशंका व्यक्त की गई है. स्पेशल ब्रांच ने रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंप दी है. स्पेशल ब्रांच की यह रिपोर्ट 19 अगस्त की है.
इस रिपोर्ट में बताया गया है कि मानसून सत्र में भाग लेने के लिए मंत्री और विधायक सड़क या रेल मार्ग से अपने -अपने विधानसभा से रांची आएंगे. बीच -बीच में बंदी के दौरान उनके इलाके में वापस जाने की संभावना रहती है.
जिलों में उपायुक्तों को भेजी गई यह रिपोर्ट
इस दौरान पूर्व में घटित नक्सवादी और आपराधिक घटनाओं को देखते हुए पहले से चिह्नित असुरक्षित स्थानों पर उग्रवादियों और अपराधियों द्वारा उन्हें निशाना बनाया जा सकता है. इससे इनकार नहीं किया जा सकता है. ऐसे में सभी जिलों के डीसी को यह रिपोर्ट सौंप दी गई है. साथ ही उन्हें सतर्कता बरतने को कहा गया है.
नक्सलवाद से प्रभावित रहा है झारखंड राज्य
गौरतलब है कि झारखंड नक्सल प्रभावित राज्य रहा है. दशक भर पहले झारखंड के 24 में से 22 जिले नक्सलवाद से प्रभावित थे. झारखंड के गढ़वा, गुमला, लातेहार, पलामू, लोहरदगा, चतरा, खूंटी, चाईबासा और सरायकेला-खरसावां जैसे जिले लंबे समय तक उग्रवाद प्रभावित रहे.
झारखंड में नक्सलियों ने बाबूलाल मरांडी के बेटे अनूप मरांडी की हत्या कर दी थी. इसके अलावा नक्सलियों ने पूर्व मंत्री विकास मुंडा की भी हत्या कर दी थी. पाकुड़ के पूर्व एसपी अमरजीत बलिहार की भी नक्सलियों ने हत्या की थी.
झारखंड में नक्सलवाद का रक्त-रंजित इतिहास रहा है. इसके अलावा कई संगठित आपराधिक गिरोह भी हैं जिनसे माननीयों को खतरा हो सकता है.









