‘अगर मैं मुजरिम हूं तो हमें सज़ा सुना दी जाए…’ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बोले… अगर मैं गुनहगार हूं, तो फिर इतने दिनों तक सज़ा क्यों नहीं सुनाई जा रही

रांची। अगर मैं मुजरिम हूं तो हमें सज़ा सुना दी जाए… अगर मैं गुनहगार हूं और इतने दिनों तक सज़ा नहीं सुनाई जा रही है तो मैं इस पद पर किस हैसियत से बैठा हूं? प्रेस कांफ्रेंस में आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर भी वार किया और राजभवन के इरादे पर भी सवाल खड़ा किया। झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के 3 साल पूरे होने वाले हैं..ऐसे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को अपने आवासीय कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार की उपलब्धियों को साझा किया..सीएम हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि ..

राज्य में कृत्रिम बवंडर बनाया जा रहा है। राज्यपाल और चुनाव आयोग के संदर्भ में कहूंगा कि यह भारत की पहली घटना होगी कि एक मुख्यमंत्री खुद राज्यपाल महोदय और चुनाव आयोग से हाथ जोड़कर एक मुख्यमंत्री को क्या सज़ा मिलनी चाहिए उसका आग्रह कर रहा है

उन्होंने कहा कि अगर वो गुनाहगार हैं, तो फिर किस हैसियत से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि … .

यह हमारे विरोधियों द्वारा षड्यंत्र रचने का काम किया जा रहा है। अगर मैं मुजरिम हूं तो हमें सज़ा सुना दी जाए… अगर मैं गुनहगार हूं और इतने दिनों तक सज़ा नहीं सुनाई जा रही है तो मैं इस पद पर किस हैसियत से बैठा हूं? इसका जवाब उनको देना है

सीएम हेमंत सोरेन की प्रेस कॉन्फ्रेंस, कहा- ‘विपक्ष हमारे पैर खींचने की कोशिश में है’ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि पहले चरण में चलाए गए कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए एक बार फिर से 12 अक्टूबर से ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम चलाया जा रहा है। अभियान के तहत पदाधिकारी गांव-गांव तक जा रहे हैं और लोगों की समस्याओं का निराकरण कर रहे हैं।

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