‘हलाल नहीं परोसूंगा…’ एक फैसले से भड़क उठा लंदन! सिख रेस्टोरेंट मालिक की गिरफ्तारी से मचा हंगामा, दुनिया भर में छिड़ी बहस

हलाल की जगह झटका मांस परोसने के ऐलान के बाद विरोध प्रदर्शन, वायरल वीडियो के बीच पुलिस कार्रवाई ने बढ़ाया विवाद

लंदन। ब्रिटेन की राजधानी में एक रेस्टोरेंट को लेकर शुरू हुआ विवाद अब अंतरराष्ट्रीय बहस का मुद्दा बन गया है। पश्चिम लंदन में स्थित सिख रेस्टोरेंट रंगरेज उस वक्त सुर्खियों में आ गया जब इसके मालिक Harman Singh Kapoor ने हलाल मांस परोसने से इनकार कर दिया और सिख परंपरा के मुताबिक झटका मांस परोसने का फैसला किया।

रेस्टोरेंट के इस फैसले के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए, सोशल मीडिया पर पोस्ट्स वायरल होने लगीं और आखिरकार पुलिस ने रेस्टोरेंट मालिक को गिरफ्तार कर लिया। इस पूरे घटनाक्रम ने ब्रिटेन में धार्मिक परंपराओं और बहुसांस्कृतिक समाज को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

कैसे शुरू हुआ विवाद

बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत तब हुई जब रेस्टोरेंट मालिक हरमन सिंह कपूर ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि उनके रेस्टोरेंट में हलाल मांस नहीं परोसा जाएगा। उनका कहना था कि सिख धर्म में “कुट्ठा” यानी धीमी प्रक्रिया से वध किए गए मांस को वर्जित माना जाता है, इसलिए वे झटका मांस परोसना चाहते हैं जिसमें जानवर को एक ही वार में मारा जाता है।

कपूर का आरोप है कि इस घोषणा के बाद से उन्हें लगातार ऑनलाइन ट्रोलिंग, फर्जी रिव्यू और धमकियों का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं, रेस्टोरेंट के बाहर कई बार विरोध प्रदर्शन भी किए गए।

भीड़, हंगामा और गिरफ्तारी

स्थिति 14 मार्च को तब और बिगड़ गई जब रेस्टोरेंट के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। बताया जाता है कि भीड़ के जुटने से पहले कपूर ने सोशल मीडिया पर नॉन-हलाल मीटअप को लेकर अपील की थी और समर्थकों से रिकॉर्डिंग डिवाइस लाने के लिए कहा था।

हंगामे के दौरान अपनी सुरक्षा के लिए कपूर ने कथित तौर पर किरपान निकाल ली। इसके कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने भीड़ को हटाने के बजाय उन्हें ही हिरासत में ले लिया। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

घटना सामने आने के बाद दुनिया भर के कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं और कमेंटेटरों ने इस मुद्दे को उठाया। अमेरिकी राजनीतिक एक्टिविस्ट Valentina Gomez सहित कई लोगों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि रेस्टोरेंट मालिक को केवल हलाल मांस परोसने से इनकार करने की वजह से परेशान किया गया। हालांकि इन दावों के कई पहलुओं की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

क्या यह केवल खाने का विवाद है?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद केवल खाने के मेन्यू तक सीमित नहीं है। यह ब्रिटेन में बढ़ती अप्रवासी राजनीति, धार्मिक पहचान और कानून व्यवस्था को लेकर चल रही बहस से भी जुड़ गया है। कुछ विश्लेषक इसे Leicester riots 2022 जैसी घटनाओं की पृष्ठभूमि से जोड़कर भी देख रहे हैं।

फिलहाल विवाद के बाद रेस्टोरेंट के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं, जबकि इस मामले ने ब्रिटेन में बहुसंस्कृतिवाद और धार्मिक स्वतंत्रता पर नई चर्चा छेड़ दी है।

हलाल और झटका मांस में क्या अंतर

हलाल मांस इस्लामी नियमों के अनुसार तैयार किया जाता है, जिसमें जानवर का गला काटते समय धार्मिक प्रार्थना पढ़ी जाती है और खून पूरी तरह निकलने दिया जाता है। वहीं झटका मांस में जानवर को एक ही वार में मार दिया जाता है, जिसे कई सिख धार्मिक रूप से स्वीकार्य मानते हैं।

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