पटना। BPSC पेपर लीक मामले में अब एक DSP को हिरासत में लिया गया है। शक है कि पेपर लीक मामले में DSP का भी हाथ था। बिहार विशेष सशस्त्र बल-14 में DSP रंजीत रजक को आर्थिक अपराध ईकाई ने हिरासत में लिया है। उनसे पर्चा लीक मामले में पूछताछ चल रही है। इससे पहले इस मामले में बीडीओ, प्राचार्य और प्रोफेसर समेत 16 आरोपियों की आर्थिक अपराध ईकाई गिरफ्तारी कर चुकी है। 16 आरोपियों में आधा दर्जन से ज्यादा सरकारी सेवा में शामिल हैं।

आरोप है कि डीएसपी रंजीत रजक बीपीएससी पेपर लीक गिरोह के सदस्यों के साथ लगातार संपर्क में थे। पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किये गये आरोपियों के साथ फरार आरोपियों के साथ बातचीत के साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी डीएसपी पर शिकंजा कसा है। आपको याद होगा इसी साल मई में बीपीएससी का पर्चा लीक हुआ था, जिसके बाद परीक्षा को रद्द करना पड़ा था।

डीएसपी के मामले में एक और बात सामने आयी है कि साल 2012 में एसएससी की परीक्षा में धांधली हुई थी, उस गड़बड़ी में भी रंजीत रजक का नाम आया था। इस मामले में रंजीत रजक के खिलाफ नामजद प्राथमिकी हुई थी। हालांकि उस वक्त तक रंजीत डीएसपी नहीं बना था। सवाल उठ रहा है कि नामजद प्राथमिकी के बाद भी वो डीएसपी कैसे बन गया। डीएसपी को आज गिरफ्तार किया जा सकता है।

इस मामले में बड़हरा बीडीओ जयवद्र्धन गुप्ता, राजस्व पदाधिकारी राहुल कुमार, डेल्हा स्थित रामशरण सिंह कालेज के प्राचार्य शक्ति कुमार, कुंवर सिंह कालेज के प्राचार्य डा. योगेंद्र प्रसाद सिंह, प्रोफसर सुनील कुमार सिंह, सहायक केंद्राधीक्षक अगम कुमार, कृषि विभाग में सहायक राजेश कुमार सहित 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। माना जा रहा है कि डीएसपी की गिरफ्तारी के बाद कुछ और लोगों पर शिकंजा कस सकता है।

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