झारखंड: JET की परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों की नाराजगी, जानिये क्यो हो रही है परीक्षा की तारीख में बदलाव की मांग…
Jharkhand: Candidates are upset over the JET exam; find out why there is a demand for a change in the exam date...

झारखंड पात्रता परीक्षा (JET 2024) की निर्धारित परीक्षा तिथि को लेकर अभ्यर्थियों में आक्रोश दिख रहा है। प्रस्तावित तिथि 29 मार्च को होने वाली परीक्षा की तारीख बदलने की मांग उठ रही है, क्योंकि इसी अवधि में केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय की परीक्षाएं भी आयोजित की जा चुकी हैं।
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रांची। झारखंड में आयोजित होने वाली झारखंड पात्रता परीक्षा (JET) 2024 की परीक्षा तिथि को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी दिख रही है। 29 मार्च 2026 को परीक्षा की प्रस्तावित तारीख है, लेकिन अब इसमें बदलाव की मांग तेज हो गई है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा की तिथि अन्य महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं से टकरा रही है, जिससे कई उम्मीदवार परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे।
अभ्यर्थियों के अनुसार हाल ही में केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) और नवोदय विद्यालय समिति (NVS) की लिखित परीक्षाएं आयोजित की जा चुकी हैं। इन दोनों संस्थानों की परीक्षाओं के लिए देशभर के हजारों अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। ऐसे में झारखंड पात्रता परीक्षा की तिथि उसी अवधि में तय होने से कई उम्मीदवारों के सामने दुविधा की स्थिति बन गई है।
कई अभ्यर्थियों ने तीनों परीक्षाओं के लिए किया है आवेदन
जानकारी के मुताबिक झारखड में बड़ी संख्या में ऐसे उम्मीदवार हैं जिन्होंने KVS, NVS और JET—तीनों परीक्षाओं के लिए आवेदन किया है। इन परीक्षाओं की तैयारी भी वे लंबे समय से कर रहे हैं। लेकिन परीक्षा तिथियों के आपसी टकराव के कारण उन्हें किसी एक परीक्षा को छोड़ना पड़ सकता है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि JET की परीक्षा तिथि में बदलाव नहीं किया गया, तो कई प्रतिभाशाली उम्मीदवार परीक्षा से वंचित हो जाएंगे। उनका कहना है कि सभी परीक्षार्थियों को समान अवसर मिलना चाहिए और इसके लिए परीक्षा की तिथि को कुछ दिनों के लिए आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
सोशल मीडिया और ज्ञापन के जरिए उठ रही मांग
परीक्षा तिथि बदलने की मांग अब धीरे-धीरे व्यापक रूप लेती जा रही है। अभ्यर्थी सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात प्रशासन और संबंधित विभाग तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही कुछ छात्र संगठनों ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन देने की तैयारी शुरू कर दी है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि परीक्षा तिथि में थोड़ा बदलाव कर दिया जाए तो इससे हजारों उम्मीदवारों को राहत मिल सकती है। उनका तर्क है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में छात्र वर्षों का समय और मेहनत लगाते हैं, ऐसे में केवल तारीख टकराने के कारण उन्हें परीक्षा से वंचित करना उचित नहीं होगा।फिलहाल इस मामले में परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।









