जंग से जलता ईरान… खाली बैग लेकर सीमा पार भाग रहे लोग! सस्ते राशन और इंटरनेट के लिए देश छोड़ने को मजबूर परिवार

लगातार बमबारी और महंगाई से बदहाल हालात, इराक के कुर्द इलाके में उमड़ रहे ईरानी नागरिक; खाने का तेल, चावल और सिम कार्ड खरीदकर लौट रहे लोग।

तेहरान/बगदाद। युद्ध की आग में झुलस रहे ईरान में हालात अब आम लोगों के लिए बेहद कठिन हो गए हैं। लगातार हो रहे हमलों, बढ़ती महंगाई और बिगड़ती व्यवस्था ने लोगों को ऐसी स्थिति में ला खड़ा किया है कि वे अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी करने के लिए देश की सीमा पार करने को मजबूर हो गए हैं।

बड़ी संख्या में ईरानी नागरिक इन दिनों इराक के कुर्द इलाके में पहुंच रहे हैं। यहां वे सस्ता राशन खरीदने, इंटरनेट का इस्तेमाल करने और अपने रिश्तेदारों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। युद्ध के कारण ईरान के कई इलाकों में संचार व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हो चुकी है।

सीमा खुलते ही उमड़ी भीड़

रविवार को जब ईरान और इराक के बीच हाजी उमरान सीमा चौकी खोली गई तो वहां का नजारा अचानक बदल गया। कई दिनों से बंद पड़ी सीमा खुलते ही दर्जनों ईरानी परिवार उत्तरी इराक के कुर्द क्षेत्र में पहुंच गए।

इनमें से कई लोग अपने साथ खाली बैग लेकर आए थे और लौटते समय उनमें चावल, खाने का तेल, सिम कार्ड और अन्य जरूरी सामान भरकर वापस जा रहे थे। उनका कहना है कि ईरान में इन चीजों की कीमतें इतनी ज्यादा बढ़ गई हैं कि आम लोगों के लिए उन्हें खरीदना लगभग असंभव हो गया है।

सस्ते सामान और इंटरनेट की तलाश

सीमा पार करने वाले कई लोगों ने बताया कि वे यहां केवल राशन खरीदने नहीं आते, बल्कि इंटरनेट का इस्तेमाल करने और अपने परिवार से संपर्क करने के लिए भी आते हैं। युद्ध के कारण कई इलाकों में संचार सेवाएं बाधित हो गई हैं।

कुछ लोग रोजगार की तलाश में भी इराक पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि ईरान में काम के अवसर लगातार कम होते जा रहे हैं और रोजमर्रा की चीजें बेहद महंगी हो चुकी हैं।

इराक से सामान लेकर लौटने वाले एक ट्रक चालक ने बताया कि सीमा बंद होने से मजदूरों से लेकर व्यापारियों तक सभी प्रभावित हुए थे। अब सीमा खुलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली है।

कुर्द इलाका बना सहारा

ईरान और इराक के कुर्द इलाकों के बीच लंबे समय से पारिवारिक और आर्थिक संबंध रहे हैं। युद्ध से पहले दोनों तरफ के लोग आसानी से एक-दूसरे के यहां आते-जाते थे। लेकिन सैन्य तनाव बढ़ने के बाद सीमा को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था।

अब जब इसे फिर से खोला गया है, तो यह इलाका ईरान के लोगों के लिए बाहरी दुनिया से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण रास्ता बन गया है। इराकी कुर्द प्रशासन के अनुसार सीमा को ईरानी अधिकारियों की अनुमति मिलने के बाद ही दोबारा खोला गया।

बमबारी के डर में जी रहे लोग

सीमा पार करने वाले कई ईरानी नागरिकों ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर अपने देश के हालात बताए। उनका कहना है कि लगातार हो रही बमबारी के कारण लोग डर और असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं।

कुछ लोगों ने दावा किया कि कई सैन्य ठिकाने और सरकारी इमारतें हमलों में नष्ट हो चुकी हैं। सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियां भी सीमित हो गई हैं और कई अधिकारी अब अपने दफ्तरों के बजाय सुरक्षित स्थानों से काम कर रहे हैं।

एक महिला ने बताया कि वह सिर्फ चावल और तेल खरीदने के लिए सीमा पार करके आई थीं, क्योंकि ईरान में इनकी कीमतें बहुत ज्यादा हो गई हैं। उन्होंने कहा कि अब लोग घरों से बाहर निकलने से भी डरते हैं और हर तरफ असुरक्षा का माहौल है। खरीदारी के बाद वह जल्दी-जल्दी वापस लौट गईं क्योंकि उनके बच्चे घर पर उनका इंतजार कर रहे थे।

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