पटना। फर्जीवाड़ा कर DSP बने अधिकारी को फिर से राज्य सरकार ने इंस्पेक्टर बना दिया है। आरोप है कि बिहार पुलिस के इंस्पेक्टर ने विभागीय कार्रवाई की बात छुपाते हुए प्रमोशन ले ली। डीपीसी के दौरान भी ये बातें सामने नहीं लायी गयी, जिसकी वजह से सरकार ने उन्हें DSP प्रमोट कर दिया। छह साल तक बतौर DSP नौकरी करने के बाद मामला उजागर होने पर राज्य सरकार ने जब जांच करायी तो पाया गया कि पुलिस इंस्पेक्टर ने अपनी विभागीय कार्रवाई की जानकारी छुपाकर प्रमोशन ली है। जिसके बाद PHQ ने पदोन्नति रद्द करते हुए पुलिस अधिकारी को फिर से इंस्पेक्टर बना दिया है। इंस्पेक्टर का नाम शंकर कुमार झा है।

डा शंकर कुमार झा अभी बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस बल 12 सुपौल में डीएसपी के पद पर थे। साल 2016 में विभागीय पदोन्नति के तहत शंकर झा के प्रमोशन का प्रस्ताव आया। डीपीसी के दौरान विभागीय कार्रवाई की जानकारी छुपा ली गयी, जिसके बाद उनकी डीपीसी ओके हो गयी। उन्हें डीएसपी बना लिया गया। इसी बीच 2108 में डीएसपी शंकर के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी गयी।

मामले की विभागीय स्तर पर जांच की गयी, जिसके बाद मामला सही पाया गया। अब छह साल बाद गृह विभाग ने प्रमोशन को रद करते हुए सेवा पुलिस मुख्यालय को वापस कर दी है। अब फिर इंस्पेक्टर का पद संभालना होगा। 

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