धनबाद : जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम उत्तम आनंद हत्याकांड में सीबीआई की विशेष अदालत शनिवार को सजा की बिंदु पर अपना फैसला सुनाएगी। दषियों को फांसी होगी या उम्रकैद अबकी निगाहें फैसले पर टिकी हैं।इससे पहले कोर्ट ने 28 जुलाई 2022 को यानी जज की मौत की ठीक 1 साल बाद आरोपी लखन वर्मा और राहुल वर्मा को धारा 302 और 201 में दोषी करार घोषित किया है।

28 जुलाई 2021 को जज उत्तम आनंद मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे इसके दौरान एक ऑटो ने उन्हें टक्कर मार दी थी जिसके इस दौरान वे गंभीर रूप से घायल हो गए और दूसरी ऑटो चालक ने उन्हें SNMMCH पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

धनबाद के सीबीआई के विशेष न्यायाधीश रजनीकांत पाठक की अदालत में इस मामले का स्पीडी ट्रायल हुआ। 5 महीने में 58 गवाहों के बयान दर्ज किए गए ।अदालत ने 28 जुलाई 2022 को 159 से 58 गवाहों का बयान दर्ज कराया था सीबीआई ने दावा किया था कि आरोपी और राहुल को टक्कर मारी थी जिससे उनकी मौत हुई है। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया जिसमे यह पता चला कि आरोपी लखन वर्मा और राहुल वर्मा ने जानबूझकर टक्कर मारी थी।