JTET पर ब्रेक: मंत्रियों में भी जेटेट के नियमावली को लेकर नहीं थी सहमति, कैबिनेट में मंत्री राधाकृष्ण किशोर और दीपिका पांडेय ने इन भाषाओं की पैरवी….

JTET Put on Hold: Even the ministers lacked consensus regarding the JTET regulations; during the Cabinet meeting, Ministers Radhakrishna Kishore and Deepika Pandey advocated for the inclusion of these specific languages.

झारखंड में JTET 2026 की आवेदन प्रक्रिया फिलहाल टाल दी गई है। स्थानीय भाषाओं को शामिल करने के विवाद के चलते कैबिनेट से नियमावली को मंजूरी नहीं मिल सकी, जिससे लाखों अभ्यर्थियों की उम्मीदों को झटका लगा है।

 

रांची। झारखंड में झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) 2026 पर फिलहाल ब्रेक लग गयी है। कैबिनेट बैठक में इस परीक्षा की नियमावली को मंजूरी नहीं मिल सकी है, जिसके चलते 21 अप्रैल से शुरू होने वाली आवेदन प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। इस फैसले के पीछे मुख्य वजह स्थानीय भाषाओं को लेकर उठा विवाद है, जिसने पूरे मुद्दे को संवेदनशील बना दिया है।

 

दरअसल, कैबिनेट बैठक में राधाकृष्ण किशोर और दीपिका पांडेय सिंह ने जोरदार तरीके से यह मांग उठाई कि JTET में भोजपुरी, अंगिका, मगही, मैथिली, संथाली और खोरठा जैसी स्थानीय भाषाओं को शामिल किया जाए। उनका तर्क था कि इन भाषाओं को बाहर रखने से राज्य के सवा करोड़ से अधिक लोगों के भाषाई अधिकार प्रभावित होंगे।

 

मंत्रियों ने यह भी बताया कि ये भाषाएं पहले JTET की प्रक्रिया में शामिल थीं और राज्य के कई जिलों—जैसे पलामू, गढ़वा, चतरा, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग और संथाल परगना—में इन भाषाओं को बोलने वाले अभ्यर्थियों की बड़ी संख्या है। ऐसे में इन्हें बाहर करना न केवल अन्यायपूर्ण होगा, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में समान अवसर के सिद्धांत के भी खिलाफ होगा।

 

विशेष रूप से संथाल परगना क्षेत्र को लेकर चिंता जताते हुए दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि गोड्डा सहित आसपास के जिलों में अंगिका, संथाली और खोरठा बोलने वाले युवाओं को शिक्षक भर्ती में बराबरी का अवसर मिलना चाहिए। यह सिर्फ एक शैक्षणिक मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा विषय भी है।

 

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हेमंत सोरेन ने फिलहाल JTET नियमावली पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लेने का फैसला किया है। उन्होंने मंत्रियों को आश्वासन दिया है कि इस मुद्दे पर विस्तृत विचार-विमर्श के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।

 

गौरतलब है कि झारखंड हाई कोर्ट के निर्देश के बाद ही शिक्षा विभाग ने JTET 2026 की प्रक्रिया शुरू की थी। योजना के तहत कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद 21 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू की जानी थी, लेकिन मौजूदा विवाद के चलते पूरी प्रक्रिया पर ब्रेक लग गया है।

 

अब झारखंड शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक कैबिनेट से नियमावली को मंजूरी नहीं मिलती, तब तक JTET का विज्ञापन और आवेदन प्रक्रिया स्थगित ही रहेगी। इससे लाखों अभ्यर्थियों की उम्मीदों को झटका लगा है, जो लंबे समय से इस परीक्षा का इंतजार कर रहे थे।

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