झारखंड ब्यूरोक्रेसी का बड़ा अपडेट: बेल के बाद गजेंद्र कुमार सिंह की री-एंट्री, विभाग में बढ़ा सियासी पारा
Major update from Jharkhand bureaucracy: Gajendra Kumar Singh re-enters the department after bail, raising political heat.

Jharkhand Excise Transfer के तहत झारखंड उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। विभाग ने गुरुवार को 34 अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़ी अधिसूचना जारी कर दी है। इस फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा बहुचर्चित शराब घोटाले के बाद सुर्खियों में रहे गजेंद्र कुमार सिंह को लेकर है, जिन्हें एक बार फिर संयुक्त उत्पाद आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गजेंद्र कुमार सिंह का नाम शराब घोटाले में सामने आया था। इस मामले में एसीबी ने आईएएस अधिकारी विनय चौबे के साथ तत्कालीन संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र कुमार सिंह को गिरफ्तार किया था। दोनों को जेल जाना पड़ा था। बाद में गजेंद्र कुमार सिंह को जमानत मिल गई, जिसके बाद उनका निलंबन समाप्त कर दिया गया। लंबे समय से वे नई पदस्थापना की प्रतीक्षा में थे, जो अब पूरी हो गई है।
Jharkhand Excise Transfer आदेश के तहत कई जिलों में अधिकारियों के ठिकाने बदले गए हैं। अधिसूचना के अनुसार उमा शंकर सिंह, सहायक आयुक्त उत्पाद, बोकारो को स्थानांतरित कर रांची में सहायक आयुक्त उत्पाद के पद पर पदस्थापित किया गया है। वहीं संजय कुमार मेहता को बोकारो का नया सहायक आयुक्त उत्पाद बनाया गया है। अरविंद कुजूर को रामगढ़ और राकेश कुमार को प्रभारी उपायुक्त उत्पाद मुख्यालय, रांची की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा अरुण कुमार मिश्र को सहायक आयुक्त उत्पाद, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), सुनील कुमार चौधरी को हजारीबाग, रामलीला रवानी को प्रभारी उपायुक्त उत्पाद संथाल परगना (दुमका), मनोज कुमार को प्रभारी सहायक आयुक्त उत्पाद मुख्यालय रांची और अजय कुमार गोंड को प्रभारी सहायक आयुक्त उत्पाद धनबाद के पद पर तैनात किया गया है।









