झारखंड TET की बड़ी खबर: जेटेट की नई नियमावली होगी फाइनल, सिलेबस, पासिंग मार्क्स में बड़े बदलाव की तैयारी, जानिये क्या होगा बदलाव
Jharkhand TET news: New JTET rules to be finalized, major changes underway in syllabus and passing marks; find out what changes will be made.

झारखंड में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) की नई नियमावली को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। नई व्यवस्था में सिलेबस और प्रश्नों के कठिनाई स्तर को आसान बनाने के साथ-साथ पासिंग सिस्टम में भी बदलाव का प्रस्ताव है।
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रांची। शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। राज्य में आयोजित होने वाली झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JH TET) की नई नियमावली को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जानकारी के अनुसार इसे 31 मार्च तक फाइनल किए जाने की तैयारी चल रही है। झारखंड स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है ताकि लंबे समय से परीक्षा का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को जल्द स्पष्ट दिशा मिल सके।
नया सिलेबस तैयार, शिक्षा विभाग को सौंपा गया
विभागीय सूत्रों के अनुसार नियमावली को अंतिम रूप दिए जाने के बाद आगामी जेटेट परीक्षा इसी नई व्यवस्था के आधार पर आयोजित की जाएगी।जेटेट परीक्षा के लिए संशोधित सिलेबस तैयार कर लिया गया है।
झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) ने नया पाठ्यक्रम तैयार कर शिक्षा विभाग को सौंप दिया है। अब विभागीय स्तर पर नियमावली को अंतिम रूप दिए जाने के बाद इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी।संशोधित सिलेबस तैयार कर शिक्षा विभाग को सौंप दिया गया है। अब अंतिम निर्णय शिक्षा विभाग को लेना है, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
अभ्यर्थियों की आपत्तियों के बाद लिया गया फैसला
दरअसल वर्ष 2024 में जेटेट के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, लेकिन परीक्षा के सिलेबस और प्रश्नों के कठिनाई स्तर को लेकर अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि झारखंड में निर्धारित प्रश्नों का स्तर अन्य राज्यों और केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) की तुलना में काफी अधिक कठिन है।
अभ्यर्थियों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने एक समिति का गठन किया था। समिति ने पूरे मामले की समीक्षा कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी, जिसके आधार पर नियमावली में बदलाव का निर्णय लिया गया है।
प्रश्नों के कठिनाई स्तर में किया जाएगा बदलाव
नई प्रस्तावित व्यवस्था के तहत जेटेट परीक्षा के प्रश्नों के स्तर को भी सरल किया जाएगा। पहले कक्षा 1 से 5 के लिए होने वाली परीक्षा में इंटरमीडिएट स्तर तक के प्रश्न पूछे जाते थे, जबकि कक्षा 6 से 8 के लिए स्नातक स्तर के प्रश्न शामिल होते थे।
अब संशोधित नियमों के अनुसार कक्षा 1 से 5 के लिए प्रश्नों का स्तर मैट्रिक या समकक्ष रखा जाएगा, जबकि कक्षा 6 से 8 के लिए प्रश्नों का स्तर इंटरमीडिएट या प्लस टू के बराबर होगा। इससे अभ्यर्थियों को परीक्षा की तैयारी में काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
पासिंग सिस्टम में भी बदलाव की तैयारी
नई नियमावली में परीक्षा के पासिंग सिस्टम को भी सरल बनाने का प्रस्ताव है। वर्तमान व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों को कुल न्यूनतम अंक प्राप्त करने के साथ-साथ प्रत्येक विषय या खंड में भी अलग-अलग पासिंग मार्क्स हासिल करना अनिवार्य होता है।मौजूदा नियमों के अनुसार सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को प्रत्येक खंड में कम से कम 40 प्रतिशत और कुल मिलाकर 60 प्रतिशत अंक लाने होते हैं, जबकि आरक्षित वर्ग के लिए प्रत्येक खंड में 35 प्रतिशत और कुल 55 प्रतिशत अंक आवश्यक होते हैं।
नई प्रस्तावित नियमावली में यह शर्त हटाने की तैयारी है। इसके तहत अब अभ्यर्थियों को हर विषय में अलग-अलग पास होना जरूरी नहीं होगा। परीक्षा में सफल होने के लिए केवल कुल मिलाकर निर्धारित न्यूनतम कट-ऑफ अंक प्राप्त करना ही पर्याप्त होगा। इसमें सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 60 प्रतिशत और अन्य वर्गों के लिए 55 प्रतिशत अंक अनिवार्य होंगे।









