से*क्स रैकेट का बड़ा खुलासा: ED ने सबसे बड़े S*ex Racket का किया भांडाफोड़, ED की छापेमारी में 1.01 करोड़ कैश, लग्जरी कारें और अहम दस्तावेज जब्त
ED busts biggest sex racket, seizes Rs 1.01 crore cash, luxury cars and important documents in ED raid

S*ex Racket : ईडी ने बड़े सेक्स रैकेट और मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा किया है। बार-कम-रेस्टोरेंट और डांस बार की आड़ में चल रहे इस रैकेट पर छापेमारी के दौरान करोड़ों की संपत्ति और कई महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए गए हैं। यह रैकेट बार-कम-रेस्टोरेंट और डांस बार की आड़ में चलाया जा रहा था, जिसमें महिलाओं को नौकरी का लालच देकर वेश्यावृत्ति में धकेला जाता था। शुक्रवार, 7 नवंबर 2025 को हुई इस कार्रवाई में ईडी ने कोलकाता और सिलीगुड़ी में आठ ठिकानों पर छापेमारी की और 1.01 करोड़ रुपये नकद, कई डिजिटल डिवाइस, संपत्ति दस्तावेज एवं दो लग्जरी गाड़ियों को जब्त किया।
महिलाओं को नौकरी का झांसा देकर सेक्स रैकेट में धकेलने का आरोप
ईडी की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि रैकेट से जुड़े आरोपी बेरोजगार महिलाओं को बेहतर नौकरी और उच्च वेतन का लालच देते थे। नौकरी के नाम पर बुलाई गई महिलाओं को बार में काम करने के लिए मजबूर किया जाता, और फिर उन्हें धीरे-धीरे सेक्स वर्क में धकेल दिया जाता था। विरोध करने पर मानसिक और आर्थिक दबाव बनाया जाता था।इस नेटवर्क के जरिए होने वाली काली कमाई को शेल कंपनियों के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग कर सफेद किया जाता था।
मुख्य आरोपी—जगजीत सिंह, अजमल सिद्दीकी और बिश्नु मुंद्रा
ईडी ने बताया कि इस रैकेट में जगजीत सिंह, अजमल सिद्दीकी और बिश्नु मुंद्रा की संलिप्तता सामने आई है। ये सभी और उनके सहयोगी कई बार, रेस्टोरेंट और डांस बार संचालित करते थे। इन स्थानों का उपयोग मानव तस्करी, सेक्स रैकेट, अवैध लेनदेन और धन शोधन के लिए किया जा रहा था।
उल्लेखनीय है कि इन आरोपियों पर पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से पहले भी कई एफआईआर दर्ज हैं और कुछ मामलों में चार्जशीट दायर की जा चुकी है। इन्हीं FIR और चार्जशीट के आधार पर ईडी ने PMLA के तहत जांच शुरू की।
छापेमारी में बरामद बड़ी मात्रा में सबूत
छापेमारी के दौरान ईडी की टीम ने जिन वस्तुओं एवं संपत्तियों को जब्त और फ्रीज किया, उनमें शामिल हैं:
• ₹1.01 करोड़ नकद
• कई मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरण
• करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी संबंधित दस्तावेज
• दो लग्जरी गाड़ियां: Land Rover Defender और Jaguar
• कई बैंक खातों का खुलासा, जिनमें संदिग्ध लेनदेन के प्रमाण मिले
फर्जी “प्लास्टिक नोट” का भी इस्तेमाल
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि डांस बार और क्लबों के अंदर फर्जी प्लास्टिक नोट का उपयोग किया जाता था। ग्राहकों और महिलाओं को भुगतान के नाम पर इन नकली नोटों का लेनदेन किया जाता था, जिससे वास्तविक आय छिपाई जा सके और भारी मात्रा में कैश अंडरग्राउंड रहे।ईडी का कहना है कि यह एक संगठित अपराध नेटवर्क है जो कई वर्षों से सक्रिय है। एजेंसी अब यह पता लगा रही है कि अवैध रूप से कमाया गया धन कहाँ-कहाँ निवेश किया गया और किन प्रभावशाली व्यक्तियों तक पहुँचा।









