देवघर में ACB का बड़ा धमाका: रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए बाबू और चपरासी, घर की तलाशी में मिला नोटों का ढेर
ACB's big hit in Deoghar: clerk and peon caught red-handed taking bribe, pile of notes found during house search

Deoghar: भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Anti Corruption Bureau Jharkhand की Dumka टीम ने शुक्रवार को देवघर जिला भू-अर्जन कार्यालय के दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में प्रधान लिपिक निरंजन कुमार और कार्यालय के अनुसेवक नुनदेव प्रसाद यादव शामिल हैं। दोनों पर जमीन मुआवजा दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है।
यह मामला Kunda (Deoghar) थाना क्षेत्र के Gauripur Village निवासी 65 वर्षीय ब्रहमदेव यादव की शिकायत के बाद सामने आया। शिकायतकर्ता के अनुसार, देवघर में बाईपास सड़क निर्माण के लिए उनकी जमीन अधिग्रहित की गई थी, जिसके बदले उन्हें 4 लाख 41 हजार रुपये मुआवजा मिलना था। आरोप है कि इस मुआवजे को जारी कराने के बदले प्रधान लिपिक निरंजन कुमार ने उनसे 5 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी।
जांच में सही पाया गया आरोप
शिकायत मिलने के बाद Anti Corruption Bureau Jharkhand ने मामले की जांच कराई। सत्यापन के दौरान यह पाया गया कि आरोपी मुआवजा दिलाने के लिए 20 हजार रुपये रिश्वत मांग रहे थे। इसके बाद एसीबी ने भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर ट्रैप टीम का गठन किया।
10 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार
शुक्रवार को एसीबी की टीम ने योजना के तहत जाल बिछाया। प्रधान लिपिक के निर्देश पर शिकायतकर्ता ने कार्यालय के अनुसेवक को 10 हजार रुपये रिश्वत के रूप में दिए। जैसे ही पैसे दिए गए, पहले से तैनात एसीबी की टीम ने दोनों आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी देवघर जिला भू-अर्जन कार्यालय से की गई।
सरकारी आवास से लाखों रुपये बरामद
गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम ने प्रधान लिपिक निरंजन कुमार के सरकारी आवास की तलाशी ली। तलाशी के दौरान वहां से 3 लाख 19 हजार 800 रुपये नकद बरामद किए गए, जिसे जब्त कर लिया गया।









