गर्मी में तरबूज की बढ़ती डिमांड के बीच खतरा भी छिपा…असली और मिलावटी तरबूज की पहचान ऐसे करें

Amidst the rising demand for watermelons during the summer, a hidden danger lurks... Here is how to distinguish between authentic and adulterated watermelons.

गर्मी बढ़ते ही तरबूज हर घर की पहली पसंद बन जाता है। तेज धूप और लू के बीच यह फल शरीर को ठंडक देने के साथ पानी की कमी भी पूरी करता है। इसलिए लोग इसे गर्मियों का सबसे जरूरी फल मानते हैं। स्थानीय बाजारों में इस समय बड़े और लाल तरबूजों की भरमार रहती है जो दूर से ही आकर्षक लगते हैं।

लेकिन हर चमकदार और गहरे लाल रंग का तरबूज असल में सेहतमंद हो यह जरूरी नहीं है। कई बार इन्हें जल्दी पकाने या ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए केमिकल और आर्टिफिशियल रंगों का इस्तेमाल किया जाता है जो शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। इसलिए सिर्फ बाहरी रूप देखकर तरबूज खरीदना समझदारी नहीं है।

पानी वाला टेस्ट खोल सकता है मिलावट का बड़ा राज

तरबूज में मिलावट की पहचान करने के लिए पानी टेस्ट सबसे आसान तरीका माना जाता है। इसके लिए तरबूज का छोटा टुकड़ा साफ पानी में डालें।

अगर कुछ देर बाद पानी गुलाबी या लाल होने लगे तो यह संकेत हो सकता है कि उसमें आर्टिफिशियल रंग मिलाया गया है। असली तरबूज का प्राकृतिक रंग पानी में नहीं घुलता और पानी साफ रहता है।

रुई टेस्ट से भी पकड़ में आ जाती है हकीकत

घर पर किया जाने वाला कॉटन या रुई टेस्ट भी काफी उपयोगी है। इसमें तरबूज के गूदे पर हल्की सफेद रुई रगड़ें।

अगर रुई पर लाल या गुलाबी रंग चिपक जाए तो यह मिलावट का संकेत हो सकता है। असली तरबूज में ऐसा कोई रंग ट्रांसफर नहीं होता क्योंकि उसका रंग प्राकृतिक होता है।

जरूरत से ज्यादा परफेक्ट दिखने वाला तरबूज भी हो सकता है संदिग्ध

बाजार में कुछ तरबूज इतने चमकदार और एक समान लाल दिखाई देते हैं कि वे असली से ज्यादा कृत्रिम लगते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि बहुत ज्यादा परफेक्ट दिखने वाले फल कभी कभी केमिकल ट्रीटमेंट का संकेत हो सकते हैं।

असली तरबूज में हल्का असमान रंग, बीजों के आसपास अलग शेड और प्राकृतिक रेशों जैसी बनावट दिखाई देती है। यही उसकी असली पहचान मानी जाती है।

खुशबू से भी खुल जाता है असली और नकली का फर्क

तरबूज काटने के बाद उसकी खुशबू पर ध्यान देना जरूरी है। असली तरबूज में हल्की मीठी और ताजगी भरी महक होती है जो तुरंत फ्रेशनेस का एहसास देती है।

वहीं मिलावटी या केमिकल वाले तरबूज में या तो कोई खास खुशबू नहीं होती या हल्की अजीब सी गंध महसूस हो सकती है।

स्वाद भी बता देता है मिलावट का सच

तरबूज का स्वाद अगर जरूरत से ज्यादा मीठा या अजीब लगे तो सतर्क हो जाना चाहिए। असली तरबूज हल्का मीठा, रसदार और प्राकृतिक स्वाद वाला होता है।

कई बार कृत्रिम मिठास बढ़ाने के लिए केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसे स्वाद वाले फल से बचना ही बेहतर है।

खरीदारी में थोड़ी सावधानी से बच सकती है सेहत की बड़ी परेशानी

गर्मी में तरबूज शरीर के लिए बेहद फायदेमंद है लेकिन सही फल चुनना उतना ही जरूरी है। थोड़ी सी जागरूकता और ये आसान जांच आपको मिलावटी तरबूज से बचा सकती है और आपकी सेहत को सुरक्षित रख सकती है।

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