फिर बड़ा एक्शन! जंगल से घर तक छापा… 3 जिलों में दबोचे गए 6 उग्रवादी, 10 एकड़ में फैली अफीम की खेती भी तबाह
सुरक्षा बलों का सख्त अभियान जारी, प्रतिबंधित संगठनों के सक्रिय सदस्य गिरफ्तार; जातीय हिंसा के बाद से तेज हुई कार्रवाई

मणिपुर में सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। राज्य के अलग-अलग इलाकों में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान तीन जिलों से छह उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस ने बुधवार को एक बयान जारी कर इस कार्रवाई की जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, प्रतिबंधित संगठन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के तीन सक्रिय सदस्यों को सोमवार को तेंगनौपाल जिले में बीपी-75 और बीपी-80 के बीच के इलाके से गिरफ्तार किया गया। सुरक्षा बलों को लंबे समय से इनकी गतिविधियों की सूचना मिल रही थी, जिसके बाद सटीक जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
इसके अलावा प्रतिबंधित संगठन पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलीपाक (PREPAK-Pro) के एक सदस्य को नौ मार्च को इंफाल पश्चिम जिले के ताओथोंग मामंग लेइकाई स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया। वहीं संगठन के एक अन्य सदस्य को मंगलवार को तेंगनौपाल जिले के मोरेह इलाके से पकड़ा गया।
इसी दौरान सुरक्षा बलों ने कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी–मीयामगी फिंगांग लानमी (KCP-MFL) के एक सक्रिय कैडर को भी गिरफ्तार किया। उसे मंगलवार को इंफाल पूर्व जिले के खुरई थांगजम इलाके में उसके आवासीय क्षेत्र से हिरासत में लिया गया।
उधर, मणिपुर में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ भी सख्त अभियान जारी है। पुलिस ने स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (NCB) और वन विभाग के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए मंगलवार को कांगपोकपी जिले में टिंगपिबुंग और लेप्लेन गांव के बीच कई स्थानों पर फैली लगभग 10 एकड़ अफीम की खेती को नष्ट कर दिया।
दरअसल, मणिपुर में दो साल पहले भड़की जातीय हिंसा के बाद से सुरक्षा बल लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। मई 2023 से मेइती और कुकी-जो समुदायों के बीच हुए संघर्ष में अब तक 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग बेघर हो गए हैं।









