झारखंड : पलामू में माओवादियों के साथ मुठभेड़ के बाद झारखंड के सभी जिलों में हाई अलर्ट, सुरक्षा बलों को सतर्क रहने का निर्देश
High alert in all districts of Jharkhand after encounter with Maoists in Palamu, security forces instructed to remain alert

पलामू में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ के बाद झारखंड पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है. है. वहीं संवेदनशील इलाकों में सघन अभियान चलाया जा रहा है. सुरक्षा बल जंगलों में नक्सली ठिकानों में जुटे हैं. वहीं पुलिस ने स्थानीय लोगों से सहयोग करने की अपील की है.
गौरतलब बुधवार की देर रात पुलिस और नक्सलियों के बीच पलामू के मनातू थाना क्षेत्र के केदल गांव के पास TSPC के टॉप कमांडर शशिकांत के दस्ते के साथ भीषण मुठभेड़ हुई. जिसमें दो जवान शहीद हो गए थे. वहीं एक की हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है. जिसका इलाज MMCH में किया जा रहा है.
15 मिनट तक चली थी मुठभेड़
इस पूरे मुठभेड़ पर पलामू DIG नौशाद आलम ने बताया कि पलामू के मनातू इलाके में टीम सर्च अभियान चला रही थी. इसी बीच TSPC के शशिकांत के दस्ते के साथ मुठभेड़ हो गई. मुठभेड़ करीब 15 मिनट तक चली जिसके बाद सर्च अभियान चलाया जा रहा है. मुठभेड़ के बीच नक्सली जंगल का फायदा उठा कर भाग निकले. जिसके बाद पुलिस पूरे इलाके क घेराबंदी कर सर्च अभियान चला रही है. मुख्यालय से अतिरिक्त जवानों को भेजा गया है.
कैसे हुई थी केदल गांव में मुठभेड़?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, करम पर्व के बीच पलामू एसपी को 10 लाख का इनामी उग्रवादी संगठन के शीर्ष कमांडर शशिकांत की गतिविधियों की सूचना मिली थीकि वह मनातू के केदल जंगल स्थित अपने घर पूजा करने पहुंचा है. इसके बाद नक्सल ऑपरेशन शुरू किया गया. एसपी जिला मुख्यालय से क्यूआरटी के साथ ऑपरेशन के लिए रवाना हुए.
रात करीब 11 बजे पुलिस टीम केदल के जंगल में शशिकांत के घर को घेरने पहुंची. पुलिस को देखते ही उग्रवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी. अचानक हुई फायरिंग से सुरक्षा बलों को संभलने का मौका नहीं मिला और तीन जवानों को गोली लग गई. पुलिस ने भी मोर्चा संभाला. दोनों ओर से करीब 15 मिनट तक फायरिंग हुई. इसके बाद उग्रवादी अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाग निकले.
तीसरी बार शशिकांत भागने में सफल रहा
गौरतलब है कि शशिकांत गंझू के दस्ते से मई से अब तक तीन बार पुलिस की मुठभेड़ हो चुकी है. तीनों ही बार वह बच निकला. दो मई को तरहसी के सिंजो महुअरी गांव में मुठभेड़ हुई. 17 मई को मनातू के होटवार जंगल में उसका पुलिस से सामना हुआ.
बता दें कि करीब दो दशक से पुलिस उग्रवादी शशिकांत को पकड़ने की कोशिश कर रही है. उस पर पलामू और चतरा में 50 से अधिक केस दर्ज हैं. चार साल में वह चतरा व पलामू पुलिस के साथ 13 मुठभेड़ में शामिल रहा है. पलामू और चतरा में वह सक्रिय है.
ये नक्सली है सक्रिय
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सारंडा में एक करोड़ का इनामी नक्सली मिसिर बेसरा, असीम मंडल और अनल दा का दस्ता 40 से 50 नक्सलियों के साथ सक्रिय है. वहीं लातेहार जिले में जेजेएमपी का 5 लाख का इनामी शिव सिंह, ब्रजेश यादव, सचिन बेंग सहित दस्ते के 15 से 20 उग्रवादी सक्रिय है.
गिरिडीह में 25 लाख के इनामी नक्सली रघुनाथ हेंब्रम अजय महतो, 15 लाख का इनामी संजय महतो का दस्ता 10-12 नक्सलियों के साथ रहते है. चतरा जिले में टीएसपीसी का वर्चस्व जारी है.









