चलती बस बनी मौत का जाल, एक झटके में 14 जिंदगियां खत्म, 48 घंटे से दहशत में जल रहा देश

कोलंबिया के दक्षिण-पश्चिम में सिलसिलेवार हमलों के बीच भीषण बम धमाका, राष्ट्रपति ने ड्रग माफिया और विद्रोही गुटों को ठहराया जिम्मेदार


कोलंबिया के दक्षिण-पश्चिम इलाके में हिंसा ने खौफनाक रूप ले लिया है। यात्रियों से भरी एक बस में हुए भीषण बम धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस विस्फोट में 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 38 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। लगातार हो रहे हमलों के बीच यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।

यह दर्दनाक घटना काहिबियो इलाके में उस वक्त हुई, जब बस पैनअमेरिकन हाईवे से गुजर रही थी। अचानक हुए जोरदार धमाके ने बस को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। चश्मदीदों के मुताबिक, धमाका इतना भीषण था कि आसपास का इलाका भी कांप उठा और मौके पर चीख-पुकार मच गई।

गुस्तावो पेट्रो ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे आतंकियों और ड्रग तस्करों की साजिश बताया है। उन्होंने दोषियों को ‘फासिस्ट’ करार देते हुए कहा कि देश को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है।

कोलंबियाई सेना के अनुसार, इस हमले के पीछे पूर्व विद्रोही संगठन FARC से जुड़े असंतुष्ट गुट ‘हाइमे मार्टिनेज’ का हाथ हो सकता है। यह गुट 2016 के शांति समझौते को मानने से इनकार कर चुका है और अब इलाके में अवैध गतिविधियों और ड्रग तस्करी के जरिए अपना दबदबा बनाए रखने के लिए हिंसा का सहारा ले रहा है।

अधिकारियों ने इस हमले को कुख्यात ड्रग सरगना इवान मोर्डिस्को के नेटवर्क से भी जोड़ा है, जो लंबे समय से इस क्षेत्र में सक्रिय बताया जाता है।

बीते 48 घंटों में इस इलाके में 26 से ज्यादा आपराधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। धमाके से पहले अल टैम्बो क्षेत्र में विस्फोटकों से लैस तीन ड्रोन को मार गिराया गया था, जबकि शुक्रवार को काली और पल्मिरा में सैन्य ठिकानों के पास कार बम धमाके हुए थे।

लगातार हो रही इन घटनाओं से आम नागरिकों में भय का माहौल है। स्थानीय प्रशासन ने केंद्र सरकार से अतिरिक्त सुरक्षा बल और खुफिया सहायता की मांग की है।

विशेषज्ञों के अनुसार, काउका और वैले डेल काउका क्षेत्र लंबे समय से ड्रग तस्करी का बड़ा केंद्र रहे हैं। समुद्री और नदी मार्गों के जरिए यहां से ड्रग्स को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जाता है। इन रास्तों पर कब्जे को लेकर अलग-अलग सशस्त्र गुटों के बीच संघर्ष जारी है, जिसकी कीमत आम लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।

 

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