पहले असली सोना दिखाकर जीता भरोसा, फिर एक ही झटके में ज्वैलर्स को बनाया शिकार, 12 घंटे में पुलिस ने खोला राज

भरोसे का सौदा या सुनियोजित साजिश, सोने की पोटली खुलते ही उड़ा होश, 16 लाख की ठगी का ऐसा खेल जिसने हर किसी को डरा दिया

चंदौली: चकिया थाना क्षेत्र के बरहुवां गांव में स्थित शशि ज्वैलर्स के संचालक शशि प्रकाश वर्मा के साथ हुई 16 लाख रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने इलाके में दहशत और हैरानी दोनों फैला दी है। इस पूरे खेल में ठगों ने इतनी चालाकी दिखाई कि ज्वैलर्स को भनक तक नहीं लगी और देखते ही देखते लाखों रुपये का चूना लग गया।

बताया जा रहा है कि अंतरराज्यीय ठग गिरोह ने पहले छोटे स्तर पर असली सोने के दाने बेचकर ज्वैलर्स का भरोसा जीत लिया। जब विश्वास पूरी तरह बन गया, तब उन्होंने 100 ग्राम से ज्यादा सोना देने का लालच दिया। इसी झांसे में आकर ज्वैलर्स ने उन्हें 16 लाख रुपये दे दिए, लेकिन जैसे ही पोटली खोली गई, उसमें सोने की जगह नकली धातु के टुकड़े निकले। इस खुलासे के बाद पीड़ित के पैरों तले जमीन खिसक गई।

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी परिवार सहित फरार हो गए, जिससे मामला और भी रहस्यमय बन गया। हालांकि, चकिया पुलिस ने तेजी दिखाते हुए महज 12 घंटे के भीतर इस पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया। थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सर्विलांस और मुखबिर की मदद से बेलावर क्षेत्र में छापेमारी कर गिरोह के सभी 7 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यह एक घुमंतू गिरोह है, जो खुद को ओडिशा की सोने की खदान में काम करने वाला बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। पहले असली सोना दिखाकर भरोसा जीतते और फिर बड़े सौदे के नाम पर ठगी को अंजाम देते थे।

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 15.80 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। यह घटना न केवल व्यापारियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है, बल्कि यह भी दिखाती है कि भरोसे की आड़ में किस तरह बड़े स्तर पर अपराध को अंजाम दिया जा रहा है।

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