झारखंड- थाना प्रभारी सहित तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड, वायरल वीडियो के बाद बड़ी कार्रवाई, एक सप्ताह में दूसरी कार्रवाई…

Jharkhand: Three police personnel, including the Station In-charge, suspended; major action taken following a viral video—the second such action within a week.

चतरा में वायरल वीडियो के बाद गिद्धौर थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। एसओपी उल्लंघन और अवैध कार्रवाई के आरोप सामने आए हैं।

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Jharkhand Police Suspend : झारखंड के चतरा जिले से पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई हुई है। वायरल वीडियो पर गिद्धौर थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

 

मामले में सुमित कुमार अग्रवाल (एसपी चतरा) ने कड़ा रुख अपनाते हुए गिद्धौर थाना प्रभारी शिवा यादव, सीसीटीएनएस ऑपरेटर दिलीप कुमार और मुंशी महेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इन सभी पर मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के उल्लंघन, बिना वरीय अधिकारियों को सूचना दिए दूसरे थाना क्षेत्र में छापेमारी करने और पुलिस की छवि धूमिल करने के गंभीर आरोप लगे हैं।

 

दरअसल, कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो में थाना प्रभारी अपने दो सहयोगी पुलिसकर्मियों और एक अन्य युवक के साथ सादे कपड़ों में दिखाई दे रहे थे। वे राजपुर थाना क्षेत्र के बिंधानी गांव पहुंचे थे, जहां एक युवक को जबरन पकड़कर वाहन में बैठाने की कोशिश की जा रही थी।

 

वीडियो में जिस युवक को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा था, उसकी पहचान संदीप दांगी के रूप में हुई। इस दौरान युवक के परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस की इस कार्रवाई का जोरदार विरोध किया। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और ग्रामीणों ने पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए।

 

वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। एसपी सुमित कुमार अग्रवाल ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए और शुभम खंडेलवाल (एसडीपीओ सिमरिया) को जांच की जिम्मेदारी सौंपी। जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसमें बिना अनुमति दूसरे थाना क्षेत्र में कार्रवाई करना और SOP का उल्लंघन शामिल है।

 

जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि इस कार्रवाई में एक बाहरी व्यक्ति, चालक बिट्टू दांगी की भी भूमिका थी। यह तथ्य सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर और सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर एक बाहरी व्यक्ति को इस तरह की कार्रवाई में कैसे शामिल किया गया।

 

गौरतलब है कि चतरा जिले में यह एक सप्ताह के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले 4 अप्रैल को लावालौंग थाना प्रभारी प्रशांत मिश्रा को अफीम से जुड़े मामले में सस्पेंड किया गया था। लगातार हो रही इन सख्त कार्रवाइयों से साफ संकेत मिल रहा है कि जिले में पुलिस प्रशासन अब अनुशासनहीनता और मनमानी के खिलाफ सख्त रुख अपना रहा है।

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