गैस पर बड़ा फैसला! घर में PNG और LPG दोनों हैं तो मुश्किल तय, सरकार ने जारी किया सख्त आदेश

एलपीजी संकट के बीच नया नियम लागू—अब एक ही घर में दो गैस कनेक्शन रखना पड़ेगा भारी, तुरंत करना होगा ये काम

India। देश में बढ़ते एलपीजी संकट के बीच सरकार ने घरेलू गैस कनेक्शन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। नए नियम के मुताबिक अब जिन घरों में पाइपलाइन से आने वाली गैस यानी PNG (Piped Natural Gas) का कनेक्शन है, उन्हें घरेलू LPG सिलेंडर रखना छोड़ना होगा।

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि एक ही घर में PNG और LPG दोनों कनेक्शन रखना अब अनुमति नहीं होगा। जिन उपभोक्ताओं के पास दोनों कनेक्शन मौजूद हैं, उन्हें अपना LPG कनेक्शन जल्द से जल्द सरेंडर करना होगा।

यह फैसला ऐसे समय आया है जब मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ऊर्जा संकट के कारण गैस सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। सरकार का कहना है कि सीमित गैस सप्लाई को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए यह कदम जरूरी हो गया है।

LPG संकट के बीच बदले नियम

देश के कई राज्यों में इन दिनों गैस सिलेंडर की मांग अचानक बढ़ गई है। Madhya PradeshUttar PradeshHaryanaPunjab और Rajasthan समेत कई इलाकों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि जहां घरेलू सिलेंडर की कीमत करीब 950 रुपये है, वहीं कई जगह कालाबाजारी में यही सिलेंडर 3000 से 3500 रुपये तक बेचा जा रहा है। इसी तरह करीब 2000 रुपये का कमर्शियल सिलेंडर भी कई स्थानों पर 5000 रुपये तक पहुंच गया है।

PNG यूजर्स को नहीं मिलेगा LPG

नए आदेश के मुताबिक जिन घरों में पहले से PNG कनेक्शन सक्रिय है, उन्हें अब घरेलू LPG सिलेंडर की बुकिंग या रिफिल की सुविधा नहीं मिलेगी।

सरकार ने तेल और गैस कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि:

  • PNG यूजर्स को नया LPG कनेक्शन न दिया जाए

  • जिनके पास दोनों कनेक्शन हैं, उनका LPG कनेक्शन सरेंडर कराया जाए

  • ऐसे उपभोक्ताओं की LPG रिफिलिंग बंद कर दी जाए

सरकार के 4 नए नियम

पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से घरेलू गैस कनेक्शन को लेकर चार प्रमुख नियम लागू किए गए हैं—

  1. एक घर में PNG और LPG दोनों कनेक्शन रखना अवैध माना जाएगा

  2. PNG कनेक्शन वाले उपभोक्ता अब LPG सिलेंडर की बुकिंग या रिफिल नहीं करा सकेंगे

  3. जिनके पास दोनों कनेक्शन हैं, उन्हें LPG कनेक्शन तुरंत सरेंडर करना होगा

  4. PNG यूजर्स नया घरेलू LPG कनेक्शन लेने के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे

LPG बुकिंग नियम भी कई बार बदले

गैस की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने पिछले कुछ दिनों में LPG बुकिंग के नियम भी कई बार बदले हैं।

  • 6 मार्च को सिलेंडर बुकिंग के लिए 21 दिन का लॉक-इन पीरियड तय किया गया।

  • 9 मार्च को इसे बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया।

  • 12 मार्च को ग्रामीण इलाकों के लिए बुकिंग अंतराल 45 दिन कर दिया गया।

इन बदलावों का उद्देश्य सीमित गैस सप्लाई को ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है।

कनेक्शन सरेंडर नहीं किया तो हो सकती है कार्रवाई

सरकार ने कहा है कि नया नियम तुरंत प्रभाव से लागू हो चुका है। जिन उपभोक्ताओं के पास PNG और LPG दोनों कनेक्शन हैं, उन्हें अपने नजदीकी गैस डिस्ट्रीब्यूटर या कंपनी के ऑनलाइन पोर्टल के जरिए LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा।

हालांकि अगर उपभोक्ता स्वेच्छा से कनेक्शन सरेंडर करते हैं तो कोई जुर्माना नहीं लगेगा, लेकिन नियम का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

LPG और PNG में क्या अंतर है

भारत में घरों में खाना बनाने के लिए मुख्य रूप से दो तरह की गैस का इस्तेमाल होता है—

  • LPG (Liquefied Petroleum Gas): यह गैस सिलेंडर में भरकर एजेंसियों के जरिए घर तक पहुंचती है।

  • PNG (Piped Natural Gas): यह पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से सीधे घरों तक सप्लाई होती है।

PNG में गैस का मीटर के आधार पर मासिक बिल आता है, जबकि LPG में सिलेंडर के लिए एकमुश्त भुगतान करना पड़ता है। सुरक्षा के लिहाज से भी PNG को अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि यह हवा से हल्की होती है और लीक होने पर जल्दी फैल जाती है।

मिडिल ईस्ट तनाव का असर

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और खासतौर पर Strait of Hormuz को लेकर चिंता बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता देखी जा रही है। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस का निर्यात इसी समुद्री रास्ते से होता है, इसलिए यहां किसी भी बाधा का असर कई देशों की ऊर्जा सप्लाई पर पड़ सकता है।

भारत के लिए राहत की खबर

ऊर्जा संकट के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर भी आई है। होर्मुज मार्ग से गुजरते हुए दो LPG कैरियर जहाज सुरक्षित भारत की ओर बढ़ रहे हैं।

बंदरगाह और जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव Rajesh Kumar Sinha के अनुसार ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ नाम के जहाज करीब 92,700 मीट्रिक टन LPG लेकर भारत आ रहे हैं। इनके 16 और 17 मार्च तक Mundra Port और Kandla Port पहुंचने की उम्मीद है, जिससे देश में गैस सप्लाई को कुछ राहत मिल सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

close