रसोई पर मंडराया बड़ा खतरा! अचानक बढ़ने लगे खाने के तेल के दाम… क्या आने वाले दिनों में और महंगा होगा किचन?

भारत में महंगाई का असर अब आम लोगों की रसोई तक साफ दिखाई देने लगा है। मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध जैसे हालात और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उथल-पुथल के कारण खाने के तेल की कीमतों में अचानक उछाल दर्ज किया गया है। पिछले कुछ दिनों में सूरजमुखी, सोयाबीन और पाम तेल के दाम 3 से 5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गए हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ने लगी है।

जानकारों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और रुपये की कमजोरी का सीधा असर भारतीय बाजारों पर पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित होने से माल ढुलाई का खर्च बढ़ गया है, जिससे आयातित खाद्य तेल महंगा पड़ रहा है। यही वजह है कि घरेलू बाजार में भी कीमतें तेजी से ऊपर जा रही हैं।

सबसे ज्यादा असर सूरजमुखी तेल, सोयाबीन तेल, पाम ऑयल और ब्लेंडेड ऑयल पर देखा जा रहा है। बाजार में इन तेलों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे आने वाले दिनों में रसोई का बजट और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और रुपये की गिरावट के कारण भारत के लिए खाद्य तेल का आयात महंगा हो गया है। युद्ध जैसे हालातों के कारण समुद्री मार्गों पर जोखिम बढ़ गया है, जिससे फ्रेट चार्ज में भी इजाफा हुआ है। इससे तेल की सप्लाई पर दबाव बढ़ सकता है और कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है।

दरअसल भारत में खाद्य तेल की मांग बहुत ज्यादा है, जबकि घरेलू उत्पादन अभी भी पर्याप्त नहीं है। सूरजमुखी तेल का उत्पादन मुख्य रूप से कर्नाटक में होता है, जबकि महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश भी इसके प्रमुख उत्पादक राज्यों में शामिल हैं। इसके बावजूद देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत को बड़े पैमाने पर आयात करना पड़ता है।

भारत सूरजमुखी तेल समेत कई खाद्य तेल यूक्रेन, रूस, अर्जेंटीना और बुल्गारिया जैसे देशों से आयात करता है। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के कारण इन देशों से आने वाली सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे बाजार में कीमतों पर दबाव और बढ़ सकता है।

खुदरा बाजार में भी कीमतों में बढ़ोतरी साफ दिखाई देने लगी है। उदाहरण के तौर पर बेंगलुरु में एक सप्ताह पहले तक सूरजमुखी तेल करीब 161 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था, जो अब बढ़कर लगभग 165 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। यह बढ़ोतरी लगभग सभी कंपनियों के उत्पादों में देखने को मिल रही है। इसके अलावा सूरजमुखी और राइस ब्रान के मिश्रण से बनने वाले ब्लेंडेड ऑयल की कीमतों में भी तेजी आई है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो आने वाले समय में सूरजमुखी तेल और ब्लेंडेड ऑयल की कीमतों में 10 से 15 रुपये प्रति लीटर तक और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में महंगाई का असर आम लोगों की रसोई पर और ज्यादा भारी पड़ सकता है।

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