रिश्तों को शर्मसार करने वाला कांड..पति निकला पत्नी का कातिल… ब्लाइंड मर्डर से उठा दिल दहला देने वाला पर्दा..
संतान न होने का खौफनाक अंजाम… पहले गला घोंटा, फिर जला कर जमीन में दफना दिया!

अनूपपुर (मध्य प्रदेश): जिस रिश्ते को सात फेरों की पवित्रता कहा जाता है, वही रिश्ता यहां खून और राख में बदल गया। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले से एक ऐसा खौफनाक हत्या मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। संतान न होने की सनक में एक पति ने अपनी ही पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी—और सबूत मिटाने के लिए शव को जलाकर दफना दिया।
यह मामला तब सामने आया, जब गांव के लोग जले हुए कपड़ों और मानव अवशेषों से टकरा गए… और यहीं से शुरू हुई एक ब्लाइंड मर्डर की डरावनी कहानी।
जले हुए कपड़े… और जमीन के नीचे छुपा सच
26 जनवरी को अनूपपुर जिले के राजेन्द्रग्राम थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बरबसपुर के जोगी नाला के पास ग्रामीणों ने कुछ जले हुए कपड़े और मानव अवशेष देखे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई। एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से हर बारीक साक्ष्य जुटाया। धीरे-धीरे यह साफ हो गया कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सोची-समझी हत्या है।
शक की सुई पति पर… और टूट गई चुप्पी
जांच के दौरान मृतका की पहचान राजेश नंदिनी उर्फ सुरसा के रूप में हुई। पुलिस को शक उसके पति राजकुमार उर्फ रामकुमार चंद्रवंशी पर गया, जो घटना के बाद से फरार होने की कोशिश कर रहा था।
पुलिस ने उसे पकड़कर सख्ती से पूछताछ की—और तभी खौफनाक सच उगल पड़ा।
“संतान नहीं हुई… इसलिए मार डाला”
आरोपी ने कबूल किया कि शादी के कई साल बाद भी संतान न होने से वह मानसिक रूप से परेशान था। समाज और रिश्तेदारों के तानों से वह टूट चुका था। वह दूसरी शादी करना चाहता था, लेकिन पत्नी इसके सख्त खिलाफ थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच आए दिन झगड़े होते थे।
वारदात की रात, जब वह पत्नी को मायके से ससुराल ले जा रहा था, रास्ते में फिर विवाद हुआ। गुस्से में आकर उसने पत्नी का गला दबा दिया, जब तक उसकी सांसें थम नहीं गईं। इसके बाद उसने शव को जलाया और पास के गड्ढे में दफना दिया, ताकि कोई सुराग न बचे।
पुलिस की सख्त कार्रवाई, आरोपी जेल में
पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर मृतका का मोबाइल फोन, आधार कार्ड और रेलवे टिकट बरामद किए गए हैं। सभी सबूत पुख्ता होने के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं… यह उस सोच का खौफनाक आईना है, जहां संतान न होना अपराध बना दिया जाता है।
जिस पत्नी को जीवनसाथी कहा गया, वही अंत में पति के हाथों मौत के घाट उतार दी गई।
अनूपपुर की यह वारदात हर रिश्ते को सोचने पर मजबूर कर देती है… आखिर कसूर किसका था?








